Gorakhpur Weather: रिमझिम ओस की बूंदों से कांप रहा गोरखपुर, तस्वीरों में देखें एक झलक

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नए साल की पहली सुबह घने कोहरे में लिपटी रही। वहीं साल के दूसरे दिन ठंड ने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। सोमवार सुबह रिमझिम कोहरे की बूंदों से लोग कांप रहे हैं। वहीं रविवार नए साल के दिन हल्की धुंध छाई रहने से सूरज के दर्शन नहीं हुए। दिन में धूप नहीं निकलने से कड़ाके की ठंड में लोग कांपते रहे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने के आसार हैं।

वहीं, कोहरे की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। ट्रेनें कई घंटे की देरी से चल रही हैं। जबकि धुंध की वजह से सड़क पर हादसे बढ़ गए हैं। शनिवार रात में एक हादसे में चार युवकों की जान चली गई और दो घायल हो गए। एक अन्य हादसे में छह से अधिक लोग घायल हो गए। गुजरे साल के अंतिम दिन खिली धूप की वजह से लोगों को ठंड से राहत मिली थी, लेकिन नए साल के पहले दिन कड़ाके की ठंड की वजह से लोग पूरे दिन ठिठुरते नजर आए।

 

रविवार को छुट्टी का दिन और नए साल का पहला दिन होने के बावजूद ठंड के कारण अधिकतर लोग घर से बाहर नहीं निकले। ठंड बढ़ने से अधिकतम तापमान शनिवार की तुलना में करीब चार डिग्री लुढ़क गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री के आसपास था, जो रविवार को 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम रहा।

 

वहीं, न्यूनतम तापमान की भी यही स्थिति रही। रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 8.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। इस वजह से मैदानी इलाकों में गलन बढ़ी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना है।

 

कोहरे ने थामी ट्रेनों की रफ्तार, पांच घंटे की देरी से चलीं

सुबह घने कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई। हमसफर, वैशाली, गोरखधाम से लेकर पूर्वांचल तक दो से पांच घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। 12 बजे रात को पहुंचने वाली सहरसा एक्सप्रेस सुबह चार बजे पहुंची। वैशाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 9:25 बजे के बजाय 11:55 बजे पहुंची। गोरखधाम एक्सप्रेस निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से दोपहर 12:29 बजे पहुंची। अवध-असम रात 11:30 बजे के बजाय तड़के करीब तीन बजे पहुंची। पूर्वांचल करीब डेढ़ घंटे की देरी से, हमसफर करीब 3:30 घंटे की देरी से, सत्याग्रह चार घंटे की देरी से और सप्तक्रांति 5:50 घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंचीं। ब्यूरो

 

बढ़ी गलन तो 67 स्थानों पर जले अलाव

नए साल के पहले दिन तापमान गिरा तो नगर निगम ने शहरवासियों की राहत के लिए 67 स्थानों पर अलाव का इंतजाम किया। रविवार को 2700 क्विंटल जलौनी लकड़ी अलाव के लिए उपलब्ध कराई गई। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि 67 स्थानों पर 40-40 किलोग्राम लकड़ी अलाव के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।



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