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Cold Storage Roof Collapse
– फोटो : अमर उजाला
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इस्लामनगर मार्ग पर गांव बर्रई के पास बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे एआर कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग गिरने से भीतर मजदूर दब गए। शुक्रवार की शाम तक प्रशासन 24 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया। जिसमें 14 मृतक व दस घायल शामिल है।
मलबे में दब कर जान गंवाने वाले मजदूरों के घर चीत्कार मची रही है। मजदूर अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चों रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। इनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। अब मजदूरों के नहीं रहने से बच्चों की परवरिश कैसे होगी, यही सवाल उठने लगा है।
गांव बर्रई का राकेश (30) पिछले एक माह से शीतगृह में मजदूरी कर रहा था। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे पत्नी मोरकली ने अपने पति को मजदूरी पर जाते समय खुशी-खुशी विदा किया था। घटना की सूचना मिलने पर मजदूर की पत्नी पछाड़ खाकर घर में गिर पड़ी। छोटे-छोटे बच्चों ने मां से पूछा कि क्या हुआ तो वह कोई जवाब नहीं दे सकी। शीतगृह के मलबे में मजदूर की दबने से मौत हो गई।
मौत की खबर जब घर पर पहुंची तो पत्नी बेसुध हो गई। मजदूर राकेश अपने पीछे पुत्र अभिषेक 10 वर्ष, अंकुश चार वर्ष, पुत्री निधि आठ वर्ष को रोता बिलखता छोड़ गया है। मजदूर की मौत से पिता चंद्रपाल व मां मोरकली का बुरा हाल है। घर में राकेश अकेला ही कमाने वाला था। अब यही सवाल है कि बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
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