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हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी
– फोटो : i stock
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नैनीताल जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) के एक आदेश की वजह से प्रदेशभर में पढ़ रहे उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के 4000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह गए हैं। विवि ने डीपीओ के आदेश के तहत इन सभी छात्रों को हल्द्वानी स्थित मुख्य परिसर में सत्यापन के लिए बुलाया था लेकिन छात्र नहीं पहुंच पाए।
दरअसल, मुक्त विवि के छात्रों को छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इस आवेदन के तहत विवि उन्हें ऑनलाइन सत्यापित करता है। इस आधार पर उन्हें छात्रवृत्ति जारी हो जाती है। इस बार समाज कल्याण विभाग के सख्त नियम छात्रों की छात्रवृत्ति पर भारी साबित हो रहे हैं।
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हालात ये हैं कि नैनीताल के जिला प्रोबेशन अधिकारी ने 27 दिसंबर 2022 को मुक्त विवि के कुलपति व कुलसचिव को एक पत्र जारी किया। इसमें कहा गया कि जितने भी छात्र विवि में अध्ययनरत हैं, उन सभी को हल्द्वानी स्थित परिसर में बुलाया जाए। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उनका भौतिक सत्यापन करेंगे। इस पर विवि ने जवाब भेजा कि चूंकि विवि के दूरस्थ शिक्षा के तहत 100 से अधिक केंद्र प्रदेशभर में हैं। लिहाजा, एक जगह प्रदेशभर के छात्रों को बुलाने के बजाय सभी जिलों में उनका सत्यापन किया जाए। लेकिन समाज कल्याण विभाग ने उनकी एक न सुनी।
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