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असुरन-मेडिकल फोरलेन का निर्माण पूरा हो गया है, लेकिन चौराहा चौड़ा नहीं होने से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पीडल्ब्यूडी और नगर निगम की संयुक्त टीम करीब 11 बजे चौराहे पर पहुंची। पहले से चिह्नित करीब 56 दुकानों को दो हाइड्रा से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
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कार्रवाई के दौरान जाम से भी लोग हुए परेशान
ध्वस्तीकरण के दौरान असुरन से बिछिया, पिपराइच रोड के साथ मेडिकल रोड पर गाड़ियों का लंबा रेला लग गया। इसकी वजह से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। दरअसल, कौवाबाग पुलिस चौकी के अलावा मेडिकल कॉलेज रोड पर भी चौपहिया वाहनों को जाने से रोक दिया गया था। हालांकि ट्रैफिक पुलिस के जवान और पुलिस के जिम्मेदार सक्रिय नजर आए। स्कूली बसों को भी लंबा चक्कर लगाना पड़ा। हर कोई कार्रवाई की तस्वीर मोबाइल में कैद करता दिखा।
बृहस्पतिवार को नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों ने दुकानदारों को सामान हटाने के संबंध में अल्टीमेटम दिया था। कार्रवाई से परेशान दुकानदारों ने बृहस्पतिवार को कमिश्नर रवि कुमार एनजी से मुलाकात की थी। कमिश्नर ने रेलवे, नगर निगम के साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया था। दुकानदार सुनील कुमार गुप्ता, रमेश गुप्ता, अजय, महेश अग्रहरि, सतीश गुप्ता आदि का कहना था कि हम विकास के विरोध में नहीं हैं। लेकिन किसी की रोजी रोटी नहीं छिननी चाहिए। दुकान के पीछे रेलवे की काफी जमीन है। उस जमीन में दुकानों को शिफ्ट किया जाए तो कई परिवारों को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। दुकानों को तोड़े जाने से कई परिवार सड़क पर आ गए हैं।
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असुरन चौराहे से मेडिकल काॅलेज के आगे तक बने फोरलेन को मॉडल सड़क बनाया गया है। 400 करोड़ से अधिक की लागत से बनी इस सड़क को मॉडल सड़क बनाने के लिए कई दुकानों और मकानों को तोड़ा गया था। उस समय भी तमाम विरोध हुआ था, लेकिन प्रशासन की तरफ से जमीन ओर मकान दुकान मालिकों को मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण किया गया। फिर वहां पर फोरलेन का निर्माण कराया गया। फोरलेन के साथ ही असुरन चौराहे का चौड़ीकरण किया जाना था। लेकिन, वहां पर रेलवे और नगर निगम की दुकान होने के कारण चौराहे का चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा था।
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