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हरपुर बुदहट इलाके के निराश्रित पशु केंद्र की फोटो ।
– फोटो : अमर उजाला।
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सत्ता में आने के पहले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुलाबी क्रांति की जंग छेड़ी थी। इसका असर रहा कि पशु तस्करी पर इस कदर लगाम लगा कि बेजुबान जानवरों का वध कम हुआ और सड़कों पर नजर आने लगे। मुख्यमंत्री की इस मुहिम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की थी, सीएम की सख्ती का ही नतीजा था कि अभियान चलाकर पांच सौ से अधिक पशु तस्करों को जेल भेजा गया। लेकिन मुख्यमंत्री के शहर में होने के बावजूद बुधवार को तस्करों ने वारदात कर सनसनी फैला दी।
घटना सहजनवां ब्लॉक के परमेश्वरपुर के टोला चंदहा में खोले गए निराश्रित गोवंश केंद्र की है। बुधवार रात बेखौफ तस्कर पिकअप पर सात बछड़ों को लेकर फरार हो गए। इसकी भनक न तो पुलिस को लगी और न ही वहां सो रहे चौकीदार को ही पता चला। बृहस्पतिवार सुबह गिनती में बछड़ों की संख्या कम होने पर चौकीदार को इसकी जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची हरपुर बुदहट पुलिस मामले की जांच कर रही।
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प्रशासन की ओर से परमेश्वरपुर ग्राम पंचायत के चंदहा टोले में वर्ष 2019-20 में गोवंश केंद्र खोला गया है। केंद्र के चारों तरफ मनरेगा से खाई और कटीले तारों की घेराबंदी कराई गई है, जिससे पशु बाहर नहीं निकल पाए। वर्तमान में यहां कुल 29 पशु रखे गए थे।
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