Uttarakhand: प्रदेश के 220 क्रय केंद्र में गेहूं न पहुंचने से नहीं हुई खरीद, मौसम खराब होना बताई गई वजह

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Wheat was not procured due to non-availability of wheat in 220 purchasing centers of Uttarakhand news

गेहूं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए 220 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 42 केंद्र गढ़वाल और 178 कुमाऊं मंडल में हैं, लेकिन पहले दिन किसी भी केंद्र में गेंहू न पहुंचने से खरीद नहीं हो पाई। अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती के मुताबिक, बारिश से केंद्रों में गेंहू नहीं पहुंचा।

प्रदेश में रबी-विपणन सत्र 2023-24 में दो लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेश भर में छह एजेंसियां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तराखंड राज्य सहकारी विपणन संघ, भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ, उत्तराखंड प्रादेशिक कोआपरेटिव यूनियन, उत्तराखंड उपभोक्ता सहकारी संघ और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ की ओर से जगह-जगह क्रय केंद्र खोले गए हैं।

अपर खाद्य आयुक्त के मुताबिक, बारिश की वजह से किसानों का गेहूं भीग गया है। यही वजह है कि क्रय केंद्रों में गेंहू आने में आठ से 10 दिन का समय लग सकता है।

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2125 रुपये प्रतिक्विंटल घोषित किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य

केंद्र सरकार की ओर से इस साल गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रतिक्विंटल घोषित किया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि खाद्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे क्रय केंद्रों में गेंहू के भुगतान के लिए धनराशि की व्यवस्था वित्त नियंत्रक खाद्य विभाग की ओर से की जाएगी।

 

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