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उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला।
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उमेश पाल हत्याकांड में शामिल पांच लाख का इनामी शूटर साबिर वारदात के चार दिन बाद तक शहर में छिपा रहा था। उसे शरण करेली के एक प्लॉटर ने दी थी जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसने साबिर को 50 हजार रुपये भी दिए थे।
पूरामुफ्ती स्थित मरियाडीह निवासी साबिर अतीक का ड्राइवर है। अतीक के जेल जाने के बाद वह शाइस्ता परवीन की गाड़ी चलाने लगा। वह शाइस्ता व उसके बेटों के साथ साए की तरह रहता था और उनके साथ उसके कई वीडियो भी सामने आए। उमेश पाल हत्याकांड के सीसीटीवी फुटेज में वह राइफल से गोलियां बरसाते नजर आया था। उसने ही गाड़ी में बैठे उमेश के गनर संदीप को गोली मारी थी।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि हत्याकांड के बाद वह करेली के ऐनुुद्दीनपुर गांव में ठहरा था। तफ्तीश आगे बढ़ाने पर पता चला कि करेली में ही करामात की चौकी मोहल्ले में रहने वाले एक शख्स ने ऐनुद्दीनपुर में छिपने में उसकी मदद की थी। यह शख्स प्लॉटिंग का काम करता है। जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में उसने साबिर को छिपने में मदद करने की बात कबूली है।
उसने पुलिस को बताया कि साबिर से उसकी पुरानी जान पहचान थी। चार दिन रहने के बाद साबिर ने कहा कि वह उसे किसी तरह शहर से बाहर भेजवा दे। इसके बाद उसने उसे 50 हजार रुपये दिए और फिर वह बस से कानपुर चला गया। इसके बाद से उसने कभी कोई संपर्क नहीं किया। फिलहाल करेली पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।
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