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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच कर कठोरतम कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने राज्य विशेष अनुसंधान दल एवं सतर्कता अधिष्ठान को निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं को समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता व गोपनीयता के साथ पूरा किया जाए। सीएम ने कहा कि सतर्कता अधिष्ठान प्रत्येक माह मुख्यमंत्री कार्यालय को इनकी प्रगति से अवगत कराए।
मुख्यमंत्री योगी अपने आवास पर पुलिस विभाग के साइबर क्राइम, सतर्कता अधिष्ठान एवं राज्य विशेष अनुसंधान दल के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर लगातार वार कर रही है। साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए जोन एवं जिला स्तर पर गठित की गई साइबर सेल का प्रभावी उपयोग किया जाए।
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सीएम ने कहा कि साइबर हेल्प डेस्क की मदद से साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार के मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न पोर्टल साइट्रेन व सीसीपीडब्ल्यूसी आदि का उपयोग किया जाए। इनके प्रभावी उपयोग के लिए पुलिस विभाग के कर्मचारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गति को तेज किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों एवं उनसे बचाव के तरीकों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर लगातार काम कर रही है। जांच एजेंसियों के कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से दक्ष किया जाए तथा उनके इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक्स की जरूरतों को पूरा किया जाए। सरकार पिछले 6 वर्षों से प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 2017 से पूर्व साइबर क्राइम की विवेचना के लिए प्रदेश में मात्र 2 साइबर क्राइम थाने क्रियाशील थे। प्रदेश सरकार ने परिक्षेत्र स्तर पर साइबर क्राइम थानों का गठन किया है। 24 घंटे सातों दिन साइबर हेल्पलाइन क्रियाशील है।
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