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जीत के बाद जश्न मनाते कार्यकर्ता
– फोटो : अमर उजाला
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यूपी के आजमगढ़ जिले में 16 नगर निकायों के लिए हुआ चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था। पार्टी इस चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव के रिहर्सल के रूप में लेकर पूरी ताकत से मैदान में उतरी थी। टिकट बंटवारे के बाद उपजे गतिरोध से भाजपा को तगड़ा झटका लगा। उसे 16 में से मात्र एक सीट पर जीत मिली। 10 सीटों पर निर्दलियों ने कब्जा जमाया। वहीं सपा के खाते में पांच सीटें आईं।
नगर पालिका परिषद आजमगढ़ सीट पर काफी मशक्कत के बाद साइकिल दौड़ गई। सपा प्रत्याशी ने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया। साइकिल की रफ्तार से जहां भाजपा का कमल मुरझा गया, वहीं भारत रक्षा दल का हथौड़ा टूटकर बिखर गया।
आजमगढ़ को सपा का गढ़ कहा जाता है लेकिन नगर पालिका सीट पर हासिल करने की कसक हमेशा सालती थी। इस बार के चुनाव में सपा की यह मुराद पूरी हो गई। इस बार नगर पालिका के चुनाव में सपा की साइकिल इतनी तेज दौड़ी कि हर कोई पस्त हो गया। साइकिल एक बार आगे निकली तो उसने किसी को अपने पास नहीं फटकने दिया।
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