CM Sukhvinder Sukhu: कलस्टर में आधारभूत संरचना विकास के लिए 10 दिन में केंद्र को प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें

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Make sure to send a proposal to the Center for infrastructure development in the cluster in 10 days: Sukhu

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश में कैन एवं बांस पर आधारित, पारंपरिक फुटवियर, चाय आधारित, बुनाई, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है। टाहलीवाल, परवाणू, जीतपुर बैहरी, खड़ीन और गोंदपुर में क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। बद्दी और हरोली में भी दो क्लस्टर की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि इन क्लस्टर में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 10 दिन के भीतर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजें। इसके अतिरिक्त रणनीतिक निवेश नीति (एसआईपी) के तहत प्रस्ताव तैयार कर जुलाई 2023 तक केंद्र सरकार को भेजें।

इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में अनुमानित 150 करोड़ से 200 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। शनिवार को शिमला में सीएम सुक्खू से केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव बीबी स्वैन ने भेंट की। बैठक में प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। छोटे उद्यमियों के लिए बेहतर पारिस्थितिकीय तंत्र विकसित किया जा रहा है। सरकार विद्युत चालित वाहन, पर्यटन, ग्रीन हाईड्रोजन, हरित प्रौद्योगिकी सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी सुझाव दिए। केंद्रीय अतिरिक्त सचिव एवं विकासायुक्त, एमएसएमई, रजनीश ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया।निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने हिमाचल प्रदेश में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम पारिस्थितिकीय तंत्र पर प्रस्तुति दी।

सीएम ने कारीगरों के लिए सहायता राशि दो लाख, औजार लिए 50 हजार रुपये करने का आग्रह किया

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस योजना के अंतर्गत कारीगरों के लिए सहायता राशि 75 हजार से बढ़ाकर न्यूनतम दो लाख रुपये करने, औजार आदि के लिए सहायता राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर की कार्यशालाएं करवाने पर भी चर्चा हुई।

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