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खोराबार आवासीय योजना एवं मेडिसिटी
– फोटो : अमर उजाला।
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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में जिन लोगों की जमीन व मकान अधिग्रहण के दायरे में है, उनके बीच जाकर अब जीडीए के अफसर बातचीत करेंगे और उनकी समस्याएं सुलझाएंगे। शुक्रवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जीडीए के अधिकारियों की मौजूदगी में खोराबार से आए लोगों की बातें सुनीं और उसके बाद निर्णय लिया। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने चार टीमों के गठन की घोषणा की। कहा कि टीम के लोग, मोहल्लों में जाकर समस्या का समाधान कराएंगे। टीम में स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे कमिश्नर से मिलने के पहले लोग शिव-दुर्गा मंदिर परिसर में जुटे। लोगों ने पहले पूजा-अर्चना की। इसके बाद करीब एक घंटे तक चर्चा की। उसी दौरान जीडीए सचिव ने जंगल सिकरी एवं खोराबार मकान /जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा को फोन किया।
उन्होंने बताया कि सभी लोग जीडीए आ जाएं। कमिश्नर वहीं पर आकर सबसे बात करेंगे। करीब 50 की संख्या में महिला और पुरुष दोपहर 12 बजे जीडीए कार्यालय पहुंचे। सभागार में पहले से ही जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, सचिव उदय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
वहां करीब एक घंटे तक बातचीत चली। जीडीए उपाध्यक्ष ने सबकी बातों को सुना। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के नक्शे को सामने रखकर एक-एक बिंदु पर बातचीत की। इस बीच दोपहर एक बजे कमिश्नर भी पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों की बातचीत शुरू हुई।
जीडीए उपाध्यक्ष ने पूरा प्रकरण कमिश्नर के सामने रखा। इसके बाद एक-एक करके पूनम सिंह, जयप्रकाश मिश्रा, दुर्गविजय और विजय मिश्रा ने खोराबार, जंगल सिकरी सैनिक नगर कॉलोनी के लोगों का पक्ष रखा। सबकी बातें सुनने के बाद जीडीए अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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