Himachal: मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री मामले में अंतिम अनुपूरक चालान पेश, 21 आरोपी बनाए

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Manav Bharti University fake degree case Final supplementary challan presented in Manav Solan Court

फर्जी डिग्री मामला
– फोटो : अमर उजाला

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मानव भारती निजी विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आरोपियों के खिलाफ सोलन कोर्ट में अंतिम अनुपूरक चालान पेश कर दिया है। इनमें विश्वविद्यालय के मालिक राजकुमार राणा, उसकी पत्नी और बेटी समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। फोरेंसिक लैब जुन्गा से सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस एसआईटी ने अंतिम अनुपूरक चालान तैयार किया।

विश्वविद्यालय पर 46,000 फर्जी डिग्रियां बेचने का आरोप है। एसआईटी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। लैब को भेजे गए फर्जी डिग्रियों के नमूने और उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट की जांच में पाया गया कि दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हुई है। आरोप है कि संस्थान के कहने पर एजेंट फर्जी डिग्री दिलाने का सौदा करते थे।

जांच में पाया गया कि 12 राज्यों में फर्जी डिग्रियां बेची गईं हैं। इनमें महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बंगलूरू शामिल हैं। आरोप है कि डिग्रियां बेचने का यह फर्जीवाड़ा 2010 से चल रहा था।

शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद फर्जी डिग्रियां बिकना शुरू हो जाती थीं। एजेंट डिग्रियों का सौदा कर पैसों का नकद लेनदेन करते थे। हाईकोर्ट की ओर से गठित टीम ने पाया कि विश्वविद्यालय की केवल 2,600 डिग्रियां ही सही पाई गईं हैं। यही नहीं, आरोप यह भी है कि विश्वविद्यालय ने ऐसे कोर्स भी करवा दिए, जिनकी विवि प्रबंधन ने अनुमति ही नहीं ली थी।

ऑस्ट्रेलिया में हैं राणा की पत्नी और बेटी

फर्जी डिग्री मामले में मुख्य आरोपी राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी ऑस्ट्रेलिया में हैं। इन दोनों को भी अंतिम अनुपूरक चालान में आरोपी बनाया गया है।

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