Jammu Kashmir Weather: रामबन की जिप्सम खदान में भूस्खलन; दो लोगों को बचाया, सुरनकोट उप स्वास्थ्य केंद्र बहा

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JK: Landslide in Ramban gypsum mine; Two people were saved, Surankote Sub Health Center washed away

रामबन हादसे में मलबे में दबे लोगों को तलाशते बचाव दल के लोग व मलबे में दबे वाहन
– फोटो : संवाद

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मानसून की बारिश प्रतिदिन लोगों के लिए परेशानी ला रही है। बारिश से आने वाली बाढ़ के चलते और भूस्खलन से जहां लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है ,वहीं करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति भी चपेट में आ रही है। रविवार को कुपवाड़ा और पुंछ के सुरनकोट में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।

कुपवाड़ा के कई घरों में पानी घुस गया, वहीं सुरनकोट में आई बाढ़ से एक स्वास्थ्य केंद्र बह गया। रामबन में एक जिप्सम की खदान में हुए अचानक भूस्खलन की चपेट में आकर दो लोग दब गए लेकिन गनीमत रही कि उन्हें समय रहते निकालकर बचा लिया गया।  

बता दें कि जेके मिनिरल जिप्सम माइन परलंका में खनन के दौरान भूस्खलन होने से जेसीबी मशीन आपरेटर और टिप्पर चालक वाहनों सहित दब गए। सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस, एसडीआरएफ, सेना, सीआरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों लोगों को मलबे से बाहर निकाला। 

 

गंभीर हालत में जिला अस्पताल रामबन में भर्ती करवाया। दोनों की  हालत अब स्थिर है। परलंका जिप्सम खनन क्षेत्र में रविवार दोपहर को उसे समय भूस्खलन हुआ जब एक जेसीबी मशीन खनन में लगी थी। अचानक से चट्टानें  गिरने लगीं और पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिर गया जिससे दोनों वाहनों के चालकों को निकलने का मौका नहीं मिला और वह दब गए।

 

पुलिस के मुताबिक दोनों घायलों की पहचान जेसीबी मशीन ऑपरेटर अजीज अहमद निवासी भट्टिनी और टिप्पर चालक अनिल सिंह निवासी उधमपुर के रूप में हुई है। चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल रामबन डॉ. वीरेंद्र त्रिसल ने बताया कि दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है।

 

उनका इलाज किया जा रहा है। पुलिस स्टेशन धर्मकुंड के एसएचओ इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि मलबे और पत्थरों के नीचे फंसे दो लोगों को पुलिस, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ, सेना और स्थानीय स्वयंसेवकों की बचाव टीमों ने निकाला। मलबे में कोई और दबा न रह गया हो इसके लिए सीआरपीएफ की डॉग स्कवायड टीम को भी लगाया गया था।

कुपवाड़ा के कई घरों में पानी घुसा, नुकसान के आंकलन का निर्देश

रविवार को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए। इससे हैहामा इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। जिरहामा, लोलाब, शतपोरा, बटपोरा, चलगुंड में घरों में बारिश का पानी घुस गया। फसलें और सड़कें जलमग्न हैं। वनस्पति, बगीचों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।

 

बाढ़ नियंत्रण विभाग के एईई शरीफ उद्दीन मलिक ने बताया कि उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन करने के लिए टीमों को तैनात किया है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं। उधर, उपायुक्त आयुषी सूदन ने भी हैहामा में रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया।

 

एसडीएम लोलाब ऐजाज अहमद भट ने नायब तहसीलदार मोहम्मद सलीम के साथ मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए खुरहामा, वारनो, शालगुंड, चंडीगाम, क्रुसन, लालपोरा और अन्य क्षेत्रों क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

 

पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में रविवार की सुबह भारी बारिश हुई। इससे स्वास्थ्य विभाग का बच्चेयांवाली उप केंद्र क्षतिग्रस्त होकर बह गया। बीएमओं ने मौके का निरीक्षण कर सामने की पट्टी में स्थित दो दुकानों को किराये पर लेकर सेंटर स्थानांरित कर चालू करवाया। बारिश से हुए भूस्खलन के चलते इस मुगल रोड चार घंटे के लिए बाधित रहा।

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