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एसटीपी
– फोटो : amar ujala
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चमोली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में हादसे के बाद अब पेयजल निगम के एमडी ने इसका निर्माण करने वाली कंपनी के ठेके से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इनका परीक्षण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि निर्माण करने के बाद कंपनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है।
पेयजल निगम ने 2017 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का ठेका कंपनी को दिया था। कंपनी ने 2019 में इसे तैयार किया था। 2021 से इसके संचालन की जिम्मेदारी जल संस्थान को सौंप दी गई थी। इस प्लांट में हादसा होने के बाद अब सभी पहलुओं पर इसकी जांच की जा रही है। पेयजल निगम के एमडी एससी पंत ने बताया कि नमामि गंगे के अधिकारियों से इस कंपनी के ठेके के कागज मांगे गए हैं।
ये देखा जाएगा कि कंपनी के ठेके की शर्तों में प्लांट की मॉनिटरिंग, मेंटिनेंस से जुड़े क्या प्रावधान शामिल थे। बताया जा रहा है कि कंपनी को 15 साल तक इसका मेंटिनेंस देखना था, जिसकी सूचना प्लांट संचालित करने वाली संस्था के माध्यम से दी जानी थी। निगम के एमडी एससी पंत का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
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