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वाराणसी में दर्जन भर से ज्यादा छोटी बड़ी परियोजनाएं ऐसी हैं जिसमें जमीन अधिग्रहण किया जाना है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकार पर भी अधिग्रहण में मुआवजे का भार बढ़ेगा। इससे पहले वर्ष 2016 में सर्किल रेट बढ़ाया गया था। इसके बाद हर वर्ष मामूली बदलाव के साथ दरें जारी की गईं और वर्ष 2019 के बाद से इस प्रक्रिया पर ब्रेक लगा हुआ है।
तीन श्रेणियों में हैं सर्किल रेट
वाराणसी को आठ सर्किलों में बांटा गया है। इन सर्किल में प्रशासन की तरफ से कॉलोनियों की लोकेशन और आबादी के हिसाब से रेट तय किए जाते हैं। सर्किल रेट तीन श्रेणियों में तय हैं। पहला नौ मीटर चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र, दूसरा नौ मीटर से 18 मीटर चौड़ी रोड के किनारे और तीसरा 18 मीटर से अधिक चौड़ी रोड के किनारे बसा क्षेत्र।
शहर के प्रमुख इलाकों के सर्किल रेट
– मैदागिन चौराहे से विशेश्वरगंज होते हुए गोलगड्डा 35 हजार
– पांडेयपुर चौराहे से रायसाहब बाग से आजमगढ़ मार्ग 32 हजार
– भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर मछरहट्टा मंदिर के पास राममंदिर चौराहा 45 हजार
– बीएचयू गेट से सुंदरपुर और भिखारीपुर तक 45 हजार
– रथयात्रा चौराहे से महमूरगंज पुलिस चौकी 55 हजार
– रथयात्रा से कमच्छा से भेलूपुर थाने तक 55 हजार
– रथयात्रा चौराहे से गुरुबाग से लक्सा थाना 55 हजार
– मैदागिन चौराहे से गोदौलिया चौराहे से सोनारपुर तक 46 हजार
– मैदागिन चौराहे से बेनिया बाग तिराहा 55 हजार
– बुलानाला से कर्णघंटा, काशीपुरा, गोला दीनानाथ से हीरापुर 44 हजार
नए सर्किल रेट के हिसाब से प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। इस रिपोर्ट को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना है और वहां से जैसा निर्णय होगा, उसे अमल कराया जाएगा। – राजेश सिंह, एआईजी स्टांप
सर्किल रेट की नई दरों के प्रस्ताव मिलने के बाद उनका अध्ययन कराया जाएगा। इस पर आपत्ति और सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसके बाद निर्णय किया जाएगा। – एस राजलिंगम, जिलाधिकारी
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