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– फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए गठित होने जा रहे शिक्षा सेवा चयन आयोग पर लंबित भर्तियों को समय से पूरा करने का दबाव तो होगा ही, आयोग को पूर्व में हुई भर्तियों से संबंधित विवादों और मुकदमों का भी सामना करना होगा।
अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के पांच हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अगस्त-2022 में आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब परीक्षा कराई जानी है। गठन के बाद आयोग की प्राथमिकता होगी कि दोनों लंबित पड़ी भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। इसके साथ ही आयोग को विवादों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना होगा।
सबसे बड़ा विवाद टीजीटी-पीजीटी के चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग को लेकर है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर पैनल तो भेज दिया, लेकिन अभ्यर्थी जब ज्वाइन करने पहुंचे तो पता चला कि कहीं समायोजन तो कहीं ट्रांसफर या प्रमोशन से पद भर चुके हैं। अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग नहीं मिली। चयन बोर्ड ने कई मामलों का तो निस्तारण करा दिया, लेकिन अब भी दर्जनों मामले ऐसे हैं, जहां अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिली हैं और वहां कई अभ्यर्थी कोर्ट चले गए हैं।
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