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जीएमसी जम्मू के प्राचार्य का दफ्तर (फाइल)
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल शशि सूदन को जमानत दे दी गई है। सूदन पर क्राइम ब्रांच ने कथित जन्मतिथि प्रमाण में धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। बुधवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनोद चटर्जी ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की।
जमानत देते समय चटर्जी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वर्तमान मामले में प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि उसके जन्मतिथि प्रमाण पत्र को कानून की उचित प्रक्रिया के बाद जम्मू कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन द्वारा सही किया गया था।
कोर्ट ने कहा कि जांच में जरूरी दस्तावेज पहले से जांच एजेंसी ने जब्त कर रखे हैं। इस तथ्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि याचिकाकर्ता सरकारी सेवा में है और उसके मुकदमे से भागने की कोई संभावना नहीं है। प्रतिवादी पक्ष ने यह कहीं नहीं कहा कि याचिकाकर्ता छिप रहा है या मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहा।
याचिकाकर्ता पहले ही जांच एजेंसी के सामने पेश हो चुका है और जांच में भाग ले चुका है। इस मामले में जांच अधिकारी ने सभी संबंधित दस्तावेज एकत्र कर लिए हैं। ऐसे में हमलें नहीं लगता कि इस मामले में याचिकाकर्ता की हिरासत में जांच आवश्यक है। लिहाजा हमने जो अग्रिम जमानत दी थी। उसे पूर्व जमानत के रूप में दिया जा रहा है।
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