हाईकोर्ट का अहम फैसला : विकास प्राधिकरण के कर्मचारी भी स्वास्थ्य सुविधा के हकदार

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Employees of the Development Authority are also entitled to health facilities, high court said

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य की तरह विकास प्राधिकरणों के कर्मचारी भी सरकार से चिकित्सकीय सुविधा के हकदार हैं। यह विधि व्यवस्था हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने याची रिटायर्ड कर्मचारी बृजेश बहादुर सिंह द्वारा मेडिकल क्लेम देने से इन्कार करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए स्थापित की। कोर्ट ने कहा कि विकास प्राधिकरण के केंद्रीयकृत सेवा नियमावली से आच्छादित कर्मचारी चाहे वो कार्यरत हो या फिर सेवानिवृत अभी राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू चिकित्सा परिचर्या 2011 के प्रविधानों के तहत लाभ प्राप्त करने के अधिकारी हैं।

याची के अधिवक्ता सतेंद्र सिंह का कहना था की याची प्रयागराज विकास प्राधिकरण की केंद्रीयकृत सेवा से सेवानिवृत कर्मचारी है। याची की पत्नी कोविड की दूसरी लहर के दौरान गंभीर रूप से बीमार हुई थी, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज में दो लाख 75 हजार खर्च हुए थे। याची ने विकास प्राधिकरण के समक्ष मेडिकल क्लेम के लिए प्रत्यावेदन दिया था, जिसे सचिव ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था की विकास प्राधिकरण की सेवा नियमावली में मेडिकल क्लेम का प्रावधान नहीं है। याची में उस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि विधि का सुस्थापित नियम है की सेवा नियमावली के प्रावधान जिस बिंदु पर खामोश होंगे उस पर राज्यकर्मियों पर लागू होने वाले प्रावधान को लागू माना जाएगा।

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