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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को डिग्री और अंकतालिकाओं के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। पिछले साल आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को अब तक डिग्री नहीं मिल पाई है। एजेंसी बदल जाने की वजह से अब आवेदकों को ट्रैकिंग की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। उनके डाटा उपलब्ध न होने से भी आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी कि विद्यार्थियों को दौड़ न लगानी पड़े। उन्हें घर बैठे ही डिग्री और अंकतालिकाएं मिल जाएं। ऐसा नही हो पा रहा है। ऑनलाइन आवेदन करने के एक से डेढ़ साल बाद भी डिग्री और अंकतालिकाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रमाणपत्रों में नाम आदि में संशोधन के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। पूर्व की एजेंसी के समय आवेदन करने वाले तमाम विद्यार्थी दोबारा डिग्री और अंकतालिका के लिए आवेदन कर रहे हैं।
ये हैं दो केस
केस एक- मथुरा के रहने वाले विनय ने एमए की डिग्री के लिए 01 सितंबर 2022 को आवेदन किया था। 11 माह बीतने के बाद भी डिग्री भेजी नहीं गई। जबकि उन्होंने वर्ष 2010 में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। तीन बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगा चुके हैं।
केस- दो- कन्नौज के रहने वाले शिव कुमार ने एक नवंबर 2022 को पीएचडी की डिग्री के लिए आवेदन किया था। अभी तक डिग्री नहीं मिली। जबकि वह विश्वविद्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं। वर्ष 2003 में पीएचडी की थी।
डाटा रिसीव किया जा रहा
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि पुरानी एजेंसी से सारा रिसीव किया जा रहा है। उसके समय में ऑनलाइन आवेदन करने वाले जो भी विद्यार्थी विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं, उनकी समस्या का समाधान कराया जा रहा है। उन्हें डिग्री व अंकतालिकाएं दिलवाई जा रही हैं।
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