Bihar News : कब्र से सात दिन बाद आखिर क्यों निकली लाश; पंचायत ने मना किया, मगर पुलिस जांच करने को हुई मजबूर

[ad_1]

Dead body exhumed after seven days from grave in Bihar, Bihar police forced to investigate after FIR of murder

कब्र से शव निकालते हुए
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बगहा में 30 साल की महिला का शव दफनाने के सात दिन बाद पुनः कब्र से शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।  20 अगस्त को महिला के परिजनों को उसके मौत की खबर मिली थी लेकिन मायके पक्ष के आने से पहले ही ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके शव को दफना दिया था। घटना रामनगर थाना क्षेत्र के बरगजवा गांव की है। महिला की पहचान बरगजवा गांव निवासी गयासुद्दीन की बीवी सिब्बी खातून (30) के रूप में की गई।

मृतका के भाई ने हत्या का मामला दर्ज कराया 

महिला के भाई ने गुरुवार को थाना में आवेदन देकर हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच करते हुए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को कब्र से बाहर निकलवाया। सिब्बी के भाई अमलउद्दीन ने गुरूवार को अपनी मृत बहन के ननदोई इमरान आलम और उसकी पत्नी अनहा खातून को नामजद करते हुए कुल 6 लोगों पर हत्या करने का मामला दर्ज कराया। 

बहनोई पर लगाया जबरदस्ती करने का आरोप 

साल 2012 में सिब्बी खातून का निकाह बरगजवा गांव निवासी गयासुद्दीन के साथ हुई थी। सिब्बी के तीन बच्चे हैं। सिब्बी खातून का शौहर गयासुद्दीन साल 2018 में काम करने विदेश चला गया था। इसके बाद एक बार अपने घर आया था। इधर, लगभग चार सालों से बहन का ननदोई इमरान आलम सिब्बी को परेशान कर रहा था। आवेदन के अनुसार बहन के ननदोई इमरान आलम सिब्बी खातून के साथ जबरदस्ती करता था। सिब्बी के द्वारा इस शर्मनाक हरकत का विरोध करने पर ननदोई इमरान आलम और उसके कुछ मित्रों ने उसकी हत्या कर दी।

मौत से पहले हुई थी बात 

घटना के संबंध में सिब्बी की बहन शमीमा खातून ने बताया कि 20 अगस्त को उसकी मौत के कुछ देर पहले सिब्बी ने अपने शौहर गयासुद्दीन, अपनी सास और मुझसे बात की थी। फिर करीब तीन बजे सूचना मिली कि सिब्बी खातून की मौत हो गई है। शमीमा खातून ने बताया कि घर में उसका ननदोई इमरान आलम उसे चार सालों से टॉर्चर कर रहा था। मेरी बहन को ससुरालवालों ने कैद कर लिया था। उसे कहीं आने जाने नहीं दे रहे थे। 18 अगस्त को मेरे बहनोई का कॉल आया कि सब समझौता हो चुका है लेकिन 20 अगस्त को उसके मौत की खबर मिली।

पूर्व में कई बार हो चूका है झगड़ा

सिब्बी के भाई अमलउद्दीन का कहना है कि मैं दिल्ली में रहकर कमाता हूं। सिब्बी की मौत की खबर मिलते ही गुरुवार को यहां पहुंचा। थाना में मृतका के भाई अमलउद्दीन ने आवेदन दिया कि मेरी बहन की हत्या हुई है। मेरा बहनोई विदेश में रहता है। मेरी बहन का ननदोई उसके साथ गलत संबंध बनाना चाहता था, जिसका वह विरोध करती थी। इस तरह की गंदी हरकत विगत चार साल से वह कर रहा था जिस वजह से सिब्बी के पति गयासुद्दीन और उसके बहनोई इमरान आलम के बीच कई बार झगड़ा भी हुआ था।

कब्र से लाश निकालने पर ससुराल वालों ने किया था विरोध 

 21 अगस्त को सिब्बी की बहन उसके ससुराल पहुंची थी। उस वक्त सिब्बी के ससुर ने पंचायत बुलाई थी। उनके समाज के लोगों ने शव को बाहर निकालने से मना किया। उनका कहना था कि कब्र से शव निकालना पाप है। एक बार शव को दफनाने के बाद बाहर नहीं निकाला जाता। लेकिन मृतका के भाई के द्वारा हत्या का आवेदन देने के कारण पुलिस ने शनिवार को शव बाहर निकलवाया।

पुलिस को पोस्टमार्टम का इंतजार 

रामनगर एसडीपीओ नंद जी प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह पहले सिब्बी की मौत हुई थी जिसे ससुराल के लोगों ने दफना दिया था। मृतक महिला के भाई दिल्ली में रहते थे। गुरुवार को दिल्ली से लौटने के बाद मामला दर्ज कराया। भाई का आरोप है कि उसकी बहन की हत्या करके शव को दफना दिया गया था। आज शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनका कहना है कि सिब्बी के गले में रस्सी के निशान हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।  

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *