[ad_1]

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एचआरटीसी वर्कशॉप का निरीक्षण किया।
– फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों का एक जैसी स्थिति में दरकना चिंता का विषय है। पहाड़ियां क्यों दरक रही हैं, इसकी देश की किसी बड़ी एजेंसी से जांच करवाई जाएगी, जिससे समय रहते स्थिति संभाली जा सके। इसके अलावा उन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर आपदा में ड्यूटी निभाई है। यह बात धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फोरलेन के लिए पहाड़ बेतरतीब तरीके से काटे गए हैं।
बरसात के मौसम में प्रदेश में आई आई आपदा कोरोना काल से भी भयावह है, क्योंकि इस त्रासदी में कई परिवार और पूरे के पूरे गांव तबाह हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में पहाड़ियां दरकने से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके अलावा प्रदेश में आई आपदा के लिए डैम, फोरलेन और पहाड़ियों को दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि असली वजह केवल भूवैज्ञानिक ही बता पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास राहत राशि देने के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम राजनीति नहीं करना चाहते। यदि विपक्ष को लगता है कि कुछ और किया जाना चाहिए तो बताएं, प्रदेश की कांग्रेस सरकार उस काम करने को तैयार है।
[ad_2]
Source link