Bihar: केंद्रीय मंत्री बोले- हर हाल में करें प्रकृति की रक्षा; गौरैया संरक्षण अनिवार्य, यह दो किताब जरूर पढ़ें

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Bihar News: Minister Ashwini Choubey should protect nature at all costs; Sparrow Conservation Essentials

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार को पुस्तक भेंट करते भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी संजय कुमार।
– फोटो : अमर उजाला

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केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लोगों से कहा कि हमें हर हाल में प्रकृति की रक्षा जरूरी है। हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि कहा है कि घर-आंगन में चहने-फुदकने वाली नन्ही सी चिड़िया गौरैया को विलुप्त होने से बचाने के लिये उसका संरक्षण और संवर्धन  जरुरी  है। और, इसके लिए आम लोगों को आगे आना  होगा।

गौरैया को बचाने  में जुटे संजय कुमार की दोनों पुस्तक जीवंत

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी और गौरैया संरक्षण में वर्षों से सक्रिय पटना के संजय कुमार द्वारा गौरैया संरक्षण पर लिखी दो पुस्तक, ‘अभी मैं जिन्दा हूं गौरैया’ (अनन्य प्रकाशन, दिल्ली) और ‘ओ री गौरैया’ (प्रभात प्रकाशन) को सोमवार देर शाम, भेंट स्वरूप स्वीकार करते हुए कहा कि संजय कुमार ने गौरैया संरक्षण पर पुस्तक लिख महत्वपूर्ण संदेश देने का काम किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा  कि ‘अभी मैं जिन्दा हूं गौरैया’  और  ‘ओ री गौरैया’ पुस्तक गौरैया संरक्षण में अहम् भूमिका अदा करने वाली मनमोहक पुस्तक है। उन्होंने कहा कि गौरैया जो विलुप्त प्रजाति होती जा रही है। गौरैया को बचाने  में जुटे संजय कुमार की दोनों पुस्तक जीवंत है। पुस्तक में तथ्यों के साथ गौरैया संरक्षण की बारीक बातें की गयी हैं। साथ ही साक्ष्य के आधार पर दोनों पुस्तक लिखी गयी हैं।

गौरैया का संरक्षण और संवर्धन हर इंसान को करना चाहिए

भाजपा सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि गौरैया पारिस्थितिकी तंत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पृथ्वी पर हर जीव का संरक्षण जरुरी है। प्रकृति में सभी जीव जंतु का महत्व है। गौरैया किसानों की मित्र है। इसके रहने से किसानों को काफी फायदा है। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों को गौरैया अपना आहार बनाती है। फसलों को होने वाले नुकसान से बचाती है। गौरैया अपने पूरे जीवनकाल में कई तरह के फल एवं बीज खाती है। इस दौरान वह हर तरह के बीज को अलग-अलग स्थानों पर फैलाती है, जो बाद में वह बीज वृक्ष बन जाते हैं। वृक्षारोपण में गौरैया भूमिका अदा करती  है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में गौरैया संरक्षण के लिये कृत्रिम बॉक्स की व्यवस्था का जिक्र है जो दूसरों को संरक्षण का रास्ता दिखायेगा। गौरैया  के संरक्षण और संवर्धन  के लिये हमें व्यक्तिगत रूप से जागरण करना  पड़ेगा। गौरैया सहित जो प्रजाति नष्ट हो रही है। उसको कैसे बचाएं और उसका संरक्षण कैसे करें। इसके लिये केंद्र सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि लोगों को संजय कुमार के कार्यों और पुस्तक से प्रेणना भी मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गौरैया का संरक्षण और संवर्धन हर इंसान को करना चाहिए।

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