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पटना विवि में सीएम नीतीश कुमार।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में एक बार फिर से प्रधानमंत्री पद को लेकर नारेबाजी हुई। उनके समर्थकों ने “देश का पीएम कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो” के नारे लगाए। हालांकि, नीतीश कुमार ने समर्थकों को हाथ से इशारा कर नारेबाजी करने से मना किया। काफी दिन बाद सीएम नीतीश कुमार इतने उत्साहित नजर आए। पूरी ऊर्जा के साथ उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया। दरसअल, शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम नीतीश कुमार पटना विश्वविद्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ मिलकर नए व्हीलर सीनेट का उद्घाटन किया। इसके बाद शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों को संबोधित किया।
विश्वविद्यालय के विकास के लिए हम हमेशा से तत्पर रहते हैं
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि यह देश का सातवां विश्वविद्यालय था, जो वर्ष 1917 में बना था और अब यह 106 वर्ष का हो चुका है। पटना विश्वविद्यालय का शिक्षा एवं शोध में अभूतपूर्व योगदान है। इसके विकास के लिए हमलोग हमेशा से तत्पर रहे हैं। हम वर्ष 1966 में यहां पढ़ने आए थे उसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से की इसलिए मेरा पटना विश्वविद्यालय से ज्यादा लगाव रहा है। वर्ष 1974 में जेपी आंदोलन यहीं से शुरू हुआ था। देश और दुनिया के बड़े-बड़े लोग यहां आते थे और यहीं पर उनका भाषण और मीटिंग होती थी। छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी यहां मौजूद रहते थे। बाहर के लोगों को हमेशा बुलवाया जाता था, आपलोगों से कहेंगे कि देश और बाहर से भी शिक्षा के क्षेत्र में जो बेहतर कार्य कर रहे हैं उनको यहां बुलाएं इससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को काफी फायदा होगा। आप उनलोगों को बुलाइएगा तो मैं मंच पर नहीं बल्कि आपलोगों के बीच में ही आकर बैठूंगा।
शिक्षा और शोध में पटना विवि का अभूतपूर्व योगदान रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शुरू से ही चाह रहे थे किए पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल जाए। हम इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़े हैं। पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिला किन्तु हमारे प्रयास से इंजीनियरिंग कॉलेज को NIT का दर्जा मिल गया। जब हम श्रद्धेय अटल जी की सरकार में केंद्र में मंत्री थे और उस समय मानव संसाधन मंत्री श्री मुरली मनोहर जोशी जी थे, तो हमने इस सबंध में उनसे मुलकात की, उसके बाद हमारी बात मानी गई और बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को NIT का दर्जा मिल गया। NIT काफी बेहतर बना है पहले हमलोगों के समय 500 छात्र थे, अब 4200 छात्रों की क्षमता वाला इंजीनियरिंग कॉलेज हो गया है।
देश-दुनिया का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनवाया जा रहा है
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 5462 बेड का देश दुनिया का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनवाया जा रहा है। पटना विश्वविद्यालय के जितने कॉलेज हैं उनकी स्थिति का हमने सुधार किया। मगध महिला कॉलेज में 600 छात्राओं के रहने के लिए सात मंजिला छात्रावास का निर्माण कराया गया है। बिहार नेशनल कॉलेज का भी विस्तार कराया गया है। वहां अकादमिक भवन का भी जीर्णोद्धार कराया गया है। साइंस कॉलेज से ही हमारी पढ़ाई शुरू हुई। साइंस कॉलेज को हम कभी भूल नहीं सकते हैं। पढ़ाई के दौरान जो रूम हमको मिला था। जब वहां से गुजरते हैं तो आज भी उसको देखते हैं पढ़ाई के दौरान काफी सुविधा थी। साइंस कॉलेज के विस्तार के लिए भी काम किया गया। वहां फिजिक्स, बायोलॉजी, जियोलॉजी के भवनों का भी जीर्णोद्धार कराया गया। राज्यपाल महोदय को ले चलकर दिखाएं कि पटना विश्वविद्यालय में कितना बेहतर काम किया गया है। हमारा राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करें।
केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का आग्रह किए थे मगर पीएम मोदी ने स्वीकार नहीं किया
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सचिव को कहा कि आज ही पटना विश्वविद्यालय के विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव आज के ही कैबिनेट में लाइए, उसको हम पारित कराते हैं। हमलोगों ने एक-एक जगह पर पूरा काम किया है। पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में जब प्रधानमंत्री जी वर्ष 2017 में आए थे तो उनसे भी पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का आग्रह किए थे मगर उन्होंने स्वीकार नहीं किया। पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की हमारी मांग शुरू से है। पटना विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए जो कुछ भी संभव होगा हमलोग उसके लिए काम करते रहेंगे।
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