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आतंकवाद मुक्त रियासी जिला फिर पाकिस्तान के निशाने पर है। यहां के शांत माहौल को वह बिगाड़ने की लगातार कोशिशें कर रहा है। जुलाई 2022 में तुकसान गांव में ग्रामीणों ने लश्कर ए ताइबा के दो आतंकियों तालिब हुसैन तथा अहमद डार को जिंदा पकड़ा था। सरकार ने बहादुर ग्रामीणों को पुरस्कार भी दिया था।
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आतंकी तालिब राजोरी तो अहमद बारामुला का रहने वाला है। शातिर तालिब ने भाजपा में भी घुसपैठ कर ली थी। वह कुछ दिनों तक पार्टी के आईटी सेल में भी रहा था। सितंबर 2022 में पल्लासू नाले से आतंकी जफर मन्हास को गिरफ्तार किया गया था।
आतंकी जफर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। उसका भाई इशहाक लश्कर का आतंकी था जिसे सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। उसका एक रिश्तेदार अब्दुल रशीद पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क चला रहा है। फरवरी 2021 में घने जंगल क्षेत्र से हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था जो आतंकी गतिविधियों के लिए छिपाकर रखा गया था।
इनमें एक एके 47 राइफल, दो पिस्तौल, चार यूबीजीएल ग्रेनेड तथा अन्य हथियार थे। इसी साल जनवरी महीने में शिक्षक से आतंकी बने आरिफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह जम्मू के नरवाल मंडी में दो धमाके करने तथा फरवरी 2022 में कटड़ा से आ रही बस में धमाका करने का आरोपी है।
तीन साल से अधिक समय से वह पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था और रियासी में आतंकवाद को जीवित करने की फिराक में था। उसके पास से पहली बार परफ्यूम आईईडी बरामद की गई थी।
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