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वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साख पर बट्टा लगाने के मामले में होड़ सी लगी है। भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों में संलिप्तता उजागर होने के बाद जनवरी से अब तक कमिश्नरेट के 26 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 12 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित व लाइनहाजिर किया गया।
शनिवार को ही एक चौकी प्रभारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ। जनवरी से अब तक पांच पुलिस कर्मी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं। कोई डकैती तो कोई पशु तस्करी के आरोप में नपा है।
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कार्रवाई की जद में इंस्पेक्टर से सिपाही तक
- – 27 अगस्त को शिवपुर थाने में तैनात सिपाही दीपक कुमार और सत्येंद्र गौड़ को निलंबित। थानाध्यक्ष का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फ्रीज बैंक अकाउंट शुरू कराने के प्रयास किया।
- – 24 अगस्त को चोलापुर थाने के दरोगा हरि किशन यादव निलंबित। बरथौली के ग्राम प्रधान पति मंगरू राजभर की गैर इरादतन हत्या के मुकदमे की विवेचना में लापरवाही हुई।
- – गो तस्करों की पैरवी करने के आरोप में 19 अगस्त को कैंट थाने के सिपाही मनोज सरोज और अनिल कुमार को प्रशासनिक आधार पर लाइन हाजिर किया गया।
- – पांच अगस्त को सिपाही अमित कुमार, मनोज कुमार तिवारी, संजय कुमार शुक्ला, हरिबंश भारती और अर्दली प्यून अमृतलाल को बर्खास्त किया गया था।
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