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नैनीताल
– फोटो : अमर उजाला
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भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील हो चुकी चायनापीक की पहाड़ी को मरम्मत की दरकार है जबकि विभाग को इसके लिए बजट का इंतजार है। पहाड़ी में हाल के दिनों में हुए भूस्खलन के बाद निचले क्षेत्रों में रह रहे लोगों में दहशत है। बावजूद इसके अभी तक शासन स्तर पर बजट स्वीकृत नहीं किया गया है जबकि वन विभाग इससे पहले हुए भूस्खलन के बाद ही शासन से मरम्मत कार्यों के लिए बजट की मांग कर चुका है।
पिछले कई सालों से चायना पीक की पहाड़ी में भू-स्खलन हो रहा है। पहाड़ी से बोल्डर व पत्थर गिरने से इसके ठीक नीचे आबादी वाले हिस्से को खतरा बना हुआ है। कई बार स्थानीय लोग भूस्खलन की आवाज सुन रात में घरों से सुरक्षित स्थान की ओर निकलते रहे हैं। इस बार की बारिश में भी यहां कई बार भू-स्खलन की घटनाएं हुई हैं। पांच सितंबर को भी इस पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में भू-स्खलन हुआ था लेकिन तब मलबा आबादी तक नहीं पहुंचा, लेकिन पहाड़़ी के एक हिस्से में जबरदस्त भू-कटाव हुआ था।
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स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पहाड़ी में लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे तलहटी में रह रहे लोगों को खतरा बना हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत ने बताया पांच सितंबर को हुए भूस्खलन के बाद विभागीय टीम ने मौका मुआयना किया था। तब विभागीय टीम ने वहां हो रहे भूस्खलन को देखा बल्कि टीम को पहाड़ी में कई जगह दरारें भी मिली। पंत का कहना है कि ऐसे में भूस्खलन की संभावनाएं बनी हुई हैं।
सुरक्षा कार्य के लिए 51.18 लाख की मांग
चायना पीक की पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन को देखते हुए वन विभाग ने 51.18 लाख का प्रस्ताव जिला प्रशासन को सौंपा है। हफ्ते भर बाद भी इस प्रस्ताव पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं विभाग का कहना है कि बजट मिलने पर भूस्खलन की रोकथाम के लिए कार्य किए जाएंगे।
वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत ने बताया कि चायना पीक की पहाडी से निचले क्षेत्र में गिर रहे पत्थर और बोल्डरों को रोकने के लिए क्रेट वायर दीवार निर्माण की योजना बनाई गई है। बताया कि पहाडी़ में 300 मीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी।
दीवार की ऊंचाई चार मीटर होगी। जिसमें एक मीटर की बुनियाद होगी और तीन मीटर ऊंची दीवार पत्थरों व मलबे को रोकेगी। बताया कि दीवार बनाने के लिए जिला प्रशासन को 51. 18 लाख का प्रस्ताव दिया गया है। बजट जारी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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