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कुख्यात आदित्य राणा, एनकाउंटर के बाद पुलिस टीम
– फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर जनपद में स्योहारा के गांव राणा नंगला की पगडंडियों पर दौड़कर खिलाड़ी बनने की शुरुआत करने वाला कुख्यात आदित्य राणा ढाई लाख का इनामी बन जाएगा ये शायद ही उसके परिजनों ने सोचा हो। राणा नंगला के ग्रामीणों की मानें तो आदित्य युवावस्था में अच्छा खिलाड़ी रहा। स्कूल-कॉलेज स्तर पर होने वाली दौड़ प्रतियोगिताओं में उसने कई मेडल भी झटके।
अच्छा धावक था और पढ़ाई में भी ठीक था, तो सीआरपीएफ में भर्ती भी हो गया। लेकिन अपराध की एबीसीडी सीखी तो वारदातों की झड़ी लगा दी। शातिर इतना कि हत्या करता और पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो जाता। वह कदम-कदम पर पुलिस को मात देता रहा। दो बार पुलिस को चकमा देकर हिरासत से और चार बार पुलिस घेराबंदी व फायरिंग के बीच भाग चुका था। पिछले कुछ समय से वह पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया था। आखिरकार मंगलवार को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में धर दबोचा। पुलिस फायरिंग के दौरान वह घायल हो गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। आगे पढ़ें उसके अपराध के सफर की पूरी कहानी।
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