Agniveer bharti fraud: अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइं

अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइं
– फोटो : अमर उजाला

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अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने मंगलवार को छावनी स्थित शहीद पार्क से
गिरफ्तार किया। रेस्टोरेंट में कुक का काम करने वाले आरोपी के कब्जे से दो आधार कार्ड, नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, नेपाली करेंसी 17 हजार रुपये बरामद हुए। चार अभ्यर्थियों को आरोपी ने सुबह में मेडिकल के लिए शहीद पार्क बुलवाया था। आरोपी को एसटीएफ ने कैंट थाने को साैंपा। गिरोह में 39 जीटीसी के एक सिपाही की भी भूमिका सामने आई है। एसटीएफ वाराणसी इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के अनुसार आर्मी इंटेलिजेंस (एमआई) को सूचना मिली कि अग्निवीर सेना भर्ती में असफल बेरोजगार अभ्यर्थियों को भर्ती के नाम पर कुछ गिरोह सक्रिय हैं। कुछ अभ्यर्थियों को मेडिकल कराने के लिए छावनी क्षेत्र स्थित शहीद पार्क में बुलाया भी गया है। इस आधार पर फील्ड यूनिट के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को लगाते हुए एक टीम गठित हुई। शहीद पार्क के पास सादे वेश में पुलिस कर्मी सक्रिय हुए। तभी चार लड़कों की निशानदेही पर गिरोह के मास्टरमाइंड नेपाल के स्याजयस बैदाम थाना अंतर्गत क्याक्मी निवासी वेल नारायण मानेन्धर को गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में आरोपी वेल नारायण मानेंधर ने बताया कि वह पिछले छह माह से छावनी स्थित नमस्ते रेस्टोरेंट में कुक है। यही पर उसकी मुलाकात नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा से हुई, जो 39 जीटीसी में डी कंपनी में सिपाही के पद पर कार्यरत है। दिवस विश्वकर्मा ने उसे बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है, यदि कोई अभ्यर्थी होगा तो बताना। इस पर वेल नारायण ने मिर्जापुर के रहने वाले आयुष सिंह से संपर्क साधा। भर्ती के दौरान रेस्टोरेंट में आते-जाते आयुष से उसकी मुलाकात हो गई थी। आयुष ने चंदौली के रहने वाले तीन अन्य साथी सचिन, वीरेंद्र और मनीष को तैयार किया।
 

असफल अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख में हुआ था सौदा
अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि असफल होने के बाद भी कुछ पैसा देने पर अग्निवीर की नौकरी मिल जाएगी। इसके बाद सेना में सिपाही दिवस विश्वकर्मा से चारों नवयुवकों ने मुलाकात की। बातचीत में तीन-तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आयुष, सचिन, वीरेंद्र और मनीष ने सिपाही दिवस विश्वकर्मा के बैंक खाते में कुछ पैसा भेजा और कुछ नगदी दी। सभी को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही मेडिकल होगा और इसकी किसी से कोई चर्चा नहीं करेगा। मेडिकल के बाद नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा। तय बातचीत के मुताबिक छावनी क्षेत्र स्थित शहीद पार्क के पास चारों नवयुवकों को मेडिकल के लिए बुलाया गया। जहां वेल नारायण मौजूद मिला, जबकि दिवस विश्वकर्मा नहीं पहुंचा था। एसटीएफ वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी विनोद सिंह के अनुसार गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारियां इकट्ठा की जा रही
हैं। आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया। कैंट पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

वाराणसी समेत 12 जिलों के डेढ़ लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
अग्निवीर सेना भर्ती 16 नवंबर से छह दिसंबर तक छावनी स्थित रणबांकुरे मैदान में हुई थी। इसमें वाराणसी समेत 12 जिलों के एक लाख 43 हजार 286 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

विस्तार

अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने मंगलवार को छावनी स्थित शहीद पार्क से

गिरफ्तार किया। रेस्टोरेंट में कुक का काम करने वाले आरोपी के कब्जे से दो आधार कार्ड, नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, नेपाली करेंसी 17 हजार रुपये बरामद हुए। चार अभ्यर्थियों को आरोपी ने सुबह में मेडिकल के लिए शहीद पार्क बुलवाया था। आरोपी को एसटीएफ ने कैंट थाने को साैंपा। गिरोह में 39 जीटीसी के एक सिपाही की भी भूमिका सामने आई है। एसटीएफ वाराणसी इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के अनुसार आर्मी इंटेलिजेंस (एमआई) को सूचना मिली कि अग्निवीर सेना भर्ती में असफल बेरोजगार अभ्यर्थियों को भर्ती के नाम पर कुछ गिरोह सक्रिय हैं। कुछ अभ्यर्थियों को मेडिकल कराने के लिए छावनी क्षेत्र स्थित शहीद पार्क में बुलाया भी गया है। इस आधार पर फील्ड यूनिट के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को लगाते हुए एक टीम गठित हुई। शहीद पार्क के पास सादे वेश में पुलिस कर्मी सक्रिय हुए। तभी चार लड़कों की निशानदेही पर गिरोह के मास्टरमाइंड नेपाल के स्याजयस बैदाम थाना अंतर्गत क्याक्मी निवासी वेल नारायण मानेन्धर को गिरफ्तार किया गया।

एसटीएफ के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में आरोपी वेल नारायण मानेंधर ने बताया कि वह पिछले छह माह से छावनी स्थित नमस्ते रेस्टोरेंट में कुक है। यही पर उसकी मुलाकात नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा से हुई, जो 39 जीटीसी में डी कंपनी में सिपाही के पद पर कार्यरत है। दिवस विश्वकर्मा ने उसे बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है, यदि कोई अभ्यर्थी होगा तो बताना। इस पर वेल नारायण ने मिर्जापुर के रहने वाले आयुष सिंह से संपर्क साधा। भर्ती के दौरान रेस्टोरेंट में आते-जाते आयुष से उसकी मुलाकात हो गई थी। आयुष ने चंदौली के रहने वाले तीन अन्य साथी सचिन, वीरेंद्र और मनीष को तैयार किया।

 



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