Agra: लीकेज की मरम्मत के दौरान करंट लगने से मजदूर की मौत; जेसीबी से भूमिगत केबल कटने से हुआ हादसा

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Worker dies of electrocution while repairing leakage in Agra

इसी जगह लीकेज पाइप लाइन की मरम्मत के दौरान करंट से मजदूर की मौत हो गई
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


उत्तर प्रदेश के आगरा में आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 15 में जलकल विभाग की 500 मिमी व्यास की पाइपलाइन के लीकेज की मरम्मत के दौरान बिजली की केबल कट गई। इससे पानी से भरे गड्ढे में करंट दौड़ गया। पाइपलाइन की मरम्मत के लिए गड्ढे में खड़े मजदूर की करंट से तड़प-तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। साथी मजदूरों ने जलकल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं जलकल महाप्रबंधक ने मामले से पल्ला झाड़ लिया।

मंगलवार को अपराह्न 3 बजे नगला बिहारी एत्माद्दौला निवासी 25 वर्षीय मजदूर मनीष पुत्र कुशलपाल सिंह सेक्टर-15 में जलकल विभाग की लीकेज पाइपलाइन की मरम्मत कर रहा था। 500 मिमी व्यास की पाइपलाइन के पास से मिट्टी हटाने पर गहरा गड्ढा हो गया, जिसमें पानी भर गया। इसी दौरान जेसीबी से बिजली की भूमिगत केबल कट गई और पानी से भरे गड्ढे में करंट दौड़ गया। 

नीचे खड़े मनीष की करंट के कारण उसी समय तड़प-तड़प कर मौत हो गई। जेसीबी चालक तुरंत ही मौके से भाग गया, जबकि मरम्मत के लिए आए अन्य मजदूरों ने मनीष को गड्ढे से निकाला और पास के अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत करार दे दिया।

ठेकेदार की लापरवाही ने ले ली जान

सेक्टर-15 में जलकल विभाग की पाइपलाइन की मरम्मत कर रहे ठेकेदार ने पानी से भरे गड्ढे में जेसीबी चलाने के दौरान न तो पानी निकाला, न ही बिजली की लाइन की जांच की। दो महीने पहले डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने शहर में हर खुदाई के लिए एडीएम सिटी से अनुमति के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन अनुमति नहीं ली गई। खुदाई के दौरान टोरंट पावर, ग्रीन गैस की लाइनों के कारण इनके इंजीनियर या संबंधित कर्मचारी का होना जरूरी है, वहीं जलकल विभाग के इंजीनियर भी मौके पर होने चाहिए थे, लेकिन एक भी इंजीनियर मौके पर नहीं था।

जलकल महाप्रबंधक की संवेदनहीनता

जलकल विभाग की लाइन की मरम्मत के समय हुए हादसे में मजदूर मनीष नगला बिहारी का निवासी था। वह ठेकेदार प्रताप सिंह के साथ काम कर रहा था। साथी मजदूरों ने आरोप लगाया कि जलकल विभाग को हादसे की सूचना दी गई तो सभी ने पल्ला झाड़ लिया। जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने पहले हादसे से ही इंकार किया और कहा कि उन्हें जानकारी नहीं। सड़क पर कई विभाग काम करते हैं, क्या पता, किसका कर्मचारी है। जलकल विभाग का कोई कर्मचारी नहीं है, जबकि आउटसोर्सिंग या ठेकेदार से काम कराने पर जवाबदेही संबंधित विभाग की है कि नियमों के मुताबिक काम कराएं।

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