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सदर क्षेत्र के मोहल्ला गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी अंचल कुमार तिवारी (32) का शव नौ दिसंबर को कोतवाली देहात क्षेत्र में हजारा नहर से बरामद किया गया था। 10 दिसंबर को पोस्टमार्टम कराया गया। उसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इससे पहले परिजन आत्महत्या करने के कयास लगा रहे थे। परिजनों के मुताबिक अंचल अपने पिता की मृत्यु के बाद से अवसाद में थे। चार दिसंबर को अपनी बहन मीनाक्षी (निवासी गुरुग्राम हरियाणा) के घर से लौटे थे, उसी दिन लापता हो गए थे।
पांच दिसंबर को अंचल के चाचा राजेंद्र बाबू तिवारी ने सदर थाना आगरा में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। इसके अगले ही दिन छह दिसंबर को उनकी कार यहां हजारा नहर पटरी के पास लावारिस हाल में मिली थी। कार के अंदर रखे कागजात के आधार पर जानकारी कर परिजन को खबर की गई थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के दो दिन बाद सोमवार को राजेंद्र बाबू तिवारी ने कोतवाली देहात में पहुंचकर तहरीर दी। एटा के थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या के मामले में आगरा और एटा दोनों जिले की पुलिस जांच कर रही है। अंचल कुमार तिवारी की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। उनकी लोकेशन चार दिसंबर की नोएडा एक्सप्रेसवे, खंदौली, एत्मादपुर, टूंडला होते हुए एटा रोड की थी। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था।
अब पुलिस इस रूट के सीसीटीवी कैमरे देख रही है। अंचल ने खुद को बहन से बातचीत में खंदारी और दयालबाग में होने के बारे में बताया था। पुलिस इसके बारे में भी पता कर रही है। यह देखा जा रहा है कि अगर, वो बहनों को खंदारी और दयालबाग में होने के बारे में बता रहे थे तो लोकेशन खंदौली से एत्मादपुर होते हुए टूंडला की क्यों आई। वह बहनों से गलत क्यों बोलेंगे।
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