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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
– फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में तमाम कर्मचारी देर से पहुंच रहे हैं और जल्दी घर चले जा रहे हैं। इससे काम प्रभावित हो रहा है। इसको देखते हुए शासनादेश की कड़ी में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बायाेमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। विश्वविद्यालय में बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उपकरण लगाए गए हैं। इसके माध्यम से कर्मचारी उपस्थिति नहीं दर्ज करा रहे हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार की ओर से आदेश जारी किया गया है कि जनवरी का वेतन बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा। जो बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराएगा, उसका वेतन जारी किया जाना संभव नहीं होगा। इसके लिए संबंधित शिक्षक व कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। कुलसचिव ने आदेश में यह भी कहा है कि उनकी जानकारी में आया है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते और कुछ जो सुबह आते हैं, वह पूरे समय तक नहीं रुकते, जल्दी चले जाते हैं। यह स्थिति क्षम्य नहीं है।
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