हांगकांग की दो ई-मेल आईडी से एम्स के सर्वर पर साइबर अटैक हुआ था। दोनों ई-मेल का आईपी एड्रेस पता कर लिया गया है। इसमें चीन की भूमिका सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन स्ट्रैट्रिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) की जांच में यह खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस इसमें गुजरात साइंस यूनिवर्सिटी की सहायता ले रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आईएफएसओ की टीम सूरत और मुंबई रवाना हो गई है। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि साइबर हमला करने वाले ने मामले में अभी तक कोई पैसा नहीं मांगा है। जबकि अभी तक साइबर हमला करने वाले की ओर से 200 करोड़ रुपये मांगे जाने की बात कही जा रही थी।
देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स में 23 नवंबर को साइबर हमला हुआ था। दिल्ली पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां शुरू में इसे कंप्यूटर इंसीडेंट मान रही थीं। एम्स के सभी कंप्यूटर का एंटी वायरस का लाइसेंस खत्म हो गया था। हमले में एम्स के चार सर्वर, दो एप्लीकेशन सर्वर, एक डाटाबेस और एक बैकअप सर्वर प्रभावित हुए हैं। मामला दर्जकर जांच स्पेशल सेल की आईएफएसओ कर रही है। जांच में पता लगा है कि दो मेल आईडी से एम्स के सर्वर पर साइबर अटैक किया गया है।
जांच में मेल आईडी का ओरिजिन चीन में होने की बात सामने आई है। इनमें एक मेन मेल आईडी का आईपी एड्रेस 146.196.54.222 है और पता ग्लोबल नेटवर्क, फ्रांसिट लिमिटेड रोड डी/3 एफ ब्लाक-2, 62 युआन रोड हांगकांग -00852 है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसमें चीन की भूमिका भी सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जल्द ही विदेश मंत्रालय को सूचित करेगी।
पांच टेराबाइट का है डाटा दूसरी तरफ स्पेशल सेल ने एम्स की सर्वर की इमेजिंग को गांधी नगर स्थित गुजरात साइंस यूनिवर्सिटी भेजा दिया गया है। ये डाटा पांच टेराबाइट का है। इस कारण इसकी जांच में टाइम लगेगा। सर्वर की इमेजिंग के बाद पूरी स्थित स्पष्ट हो जाएगी। इसके अलावा आईएफआईओ की टीमें सूरत, गांधी नगर और मुंबई गई है। इसमें वहां के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
एम्स के चार सर्वर हुए हैं प्रभावित दो एप्लीकेशन सर्वर, एक डाटाबेस सर्वर और एक अन्य डाटाबेस सर्वर। एम्स में कुल 50 सर्वर हैं।
इस जगह से मेल हुआ जनरेट ग्लोबल नेटवर्क, फ्रांसिट लिमिटेड रोड डी/3 एफ ब्लाक-2, 62 युआन रोड हांगकांग -00852 है।
मेल आईडी का आईपी एड्रेस- 146.196.54.222
विस्तार
हांगकांग की दो ई-मेल आईडी से एम्स के सर्वर पर साइबर अटैक हुआ था। दोनों ई-मेल का आईपी एड्रेस पता कर लिया गया है। इसमें चीन की भूमिका सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन स्ट्रैट्रिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) की जांच में यह खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस इसमें गुजरात साइंस यूनिवर्सिटी की सहायता ले रही है। मामले की जानकारी मिलते ही आईएफएसओ की टीम सूरत और मुंबई रवाना हो गई है। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि साइबर हमला करने वाले ने मामले में अभी तक कोई पैसा नहीं मांगा है। जबकि अभी तक साइबर हमला करने वाले की ओर से 200 करोड़ रुपये मांगे जाने की बात कही जा रही थी।
देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स में 23 नवंबर को साइबर हमला हुआ था। दिल्ली पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां शुरू में इसे कंप्यूटर इंसीडेंट मान रही थीं। एम्स के सभी कंप्यूटर का एंटी वायरस का लाइसेंस खत्म हो गया था। हमले में एम्स के चार सर्वर, दो एप्लीकेशन सर्वर, एक डाटाबेस और एक बैकअप सर्वर प्रभावित हुए हैं। मामला दर्जकर जांच स्पेशल सेल की आईएफएसओ कर रही है। जांच में पता लगा है कि दो मेल आईडी से एम्स के सर्वर पर साइबर अटैक किया गया है।