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एम्स भवन के बाहरी दीवार पर जीआरसी क्लेडिंग प्रणाली के तहत लगाई गई लाल रंग की विशेष तरह की टायल।
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर के सभी 42 भवनों को जीआरसी क्लेडिंग प्रणाली से लैस किया जा रहा है। इसमें 90 प्रतिशत तक भवनों की दीवारों पर आठ इंच के अंतर में लोहे के फ्रेम के साथ विशेष तरह की ग्लास इंफोर्स कंकरीट टाइल स्थापित की गई हैं। इस टाइल की खासियत है कि बाहर के 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के तापमान के साथ कड़ाके की ठंड में न्यूनतम तापमान में भी भवनों के भीतरी क्षेत्र में तापमान को सामान्य रखने में मदद करेगी। जिससे एम्स के भीतर चिकित्सा स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों को राहत होगी। इस टाइल पर 30 साल तक व्हाइटवाॅश की जरूरत नहीं होगी और इसमें बारिश के साथ धूल-मिट्टी साफ हो जाएगी।
एम्स परियोजना से जुड़े अधिकारी चरणजीत सिंह ने बताया कि विजयपुर और सांबा बेल्ट कंडी क्षेत्र है। जिससे अगले 30 से 40 साल के इसके भविष्य को ध्यान में रखते हुए एम्स के सभी भवनों की बाहरी दीवारों पर जीआरसी क्लेडिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। क्लेडिंग प्रणाली इमारत का सुंदरता बढ़ाने के साथ थर्मल इन्सुलेशन और मौसम प्रतिरोध प्रदान करती है। इससे अधिक गर्मी या सर्दी के दौरान एम्स के भीतर वातावरण को सामान्य रखने में मदद मिलेगी, जिसका चिकित्सा देखभाल पर सीधा बेहतर प्रभाव देखा जाएगा।
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