Akshay Tritiya 2023 Live Updates: अक्षय तृतीया की डेट को लेकर ना हों कंफ्यूज, जानें सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त

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अक्षय तृतीया का ज्योतिषीय महत्व  

अक्षय तृतीया के दिन सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृष राशि में होता है. यह वैशाख में शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई के ग्रेगोरियन महीनों में आती है. यह भी माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा अपने सबसे चमकीले रूप में होते हैं.

सोने की खरीदी से अक्षय लाभ 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग, शुभ योगों के महासंयोग, सर्वसिद्ध मुहूर्त व अबूझ मुहूर्त में सोना, मोती, रत्न, स्थिर संपत्ति आदि खरीदने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. अक्षय तृतीया के दिन सोना, रजत, धातु, रत्न व अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना बेहद शुभ होता है. इससे घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि, अक्षय लाभ व लक्ष्मी माता का वास होता है. सोने को हमेशा से बहुमूल्य धातु व धन- समृद्धि का प्रतीक माना गया है. इसलिए अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना गया है.

अक्षय तृतीया पर कैसे करें पूजा (Akshay Tritiya 2023 Puja vidhi)

अक्षय तृतीया पर सूर्योदय के समय शीतल जल से स्नान करें. इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें. उन्हें सफेद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. फिर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. मनोवांछित फल के लिए प्रार्थना करें इसके बाद कुछ दान का संकल्प करें.

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 22 और 23 अप्रैल दोनों दिन

द्रिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने के पांच अलग-अलग मुहूर्त हैं.

प्रात: मुहूर्त (शुभ) – 07:49 AM से 09:23 AM

दोपहर मुहूर्त (चर, लाभ, अमृता) – दोपहर 12:33 से 05:18 बजे तक

संध्या मुहूर्त (लाभ) – 06:53 PM से 08:18 PM तक

रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृता, चर) – 09:43 PM से 01:58 AM, अप्रैल 23

प्रात:काल मुहूर्त (लाभ) – 04:48 AM से 06:13 AM, अप्रैल 23

आप रविवार, 23 अप्रैल को भी सोना खरीद सकते हैं और इस दिन 01 घंटा 34 मिनट का समय है जब आप सोने में निवेश कर सकते हैं. 23 अप्रैल रविवार को सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर सुबह 07 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा.

अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त

अक्षय तृतीया एक ऐसा त्योहार है जो दुनिया भर में हिंदुओं और जैनियों द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाता है. यह वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है. यह एक शुभ दिन है और ऐसा माना जाता है कि यह दिन किसी भी तरह के हानिकारक प्रभाव से मुक्त होता है. इसलिए इस दिन कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त पर विचार करने की आवश्यकता नहीं है. यानी अक्षय तृतीया तिथि को अबूझ मुहूर्त माना जाता है.

अक्षय तृतीया के दिन होते हैं कई शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया के दिन कई मुहूर्त रहते हैं. इस दिन विवाह का होना भी बड़ा महत्व रखता है. शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन स्वयंसिद्ध मुहुर्त रहता है. शास्त्रों के अनुसार ही इस दिन बिना पंचाग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है जो निश्चित ही सफल होता है. हिन्दु धर्म में विवाह सात जन्मों को संबंध है. दो आत्माओं का मेल ही अग्नि के सात फेरे लेकर होता है. अक्षय तृतीया का दिन बड़ा शुभ रहता है और इस दिन जो भी कार्य किया जाए वह अवश्य सफल रहता है. इसिलए अधिकांश शादियां अक्षय तृतीया के दिन ही होती है. ताकी महिला एवं पुरूष जीवन में विवाह के बाद बिना किसी रूकावट के अपार सफतला प्राप्त कर सकें एवं हंसी खुशी अपना जीवन बिता सके. साथ ही यह भी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन अपने अच्छे आचरण और सद्गुणों से दूसरों का आशीर्वाद लेना अक्षयफल देता है.

मिट्टी के पात्र सोने के बराबर देगा फल

शास्त्रों में मिट्टी की तुलना स्वर्ण से की गयी है. किसी कारणवश अक्षय तृतीया के दिन सोने की खरीदी नहीं कर सकते तो मिट्टी का पात्र या मिट्टी का दीपक भी घर लाना सोना के बराबर शुभ फल देगा.

सोने की खरीदी से अक्षय लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग, शुभ योगों के महासंयोग, सर्वसिद्ध मुहूर्त व अबूझ मुहूर्त में सोना, मोती, रत्न, स्थिर संपत्ति आदि खरीदने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. अक्षय तृतीया के दिन सोना, रजत, धातु, रत्न व अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना बेहद शुभ होता है. इससे घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि, अक्षय लाभ व लक्ष्मी माता का वास होता है. सोने को हमेशा से बहुमूल्य धातु व धन- समृद्धि का प्रतीक माना गया है. इसलिए अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना गया है.

अक्षय तृतीया तारीख, शुभ मुहूर्त (Akshaya Tritiya 2023 Date Shubh Muhurat)

अक्षय तृतीया 22 अप्रैल 2023 दिन शनिवार

अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 07:49 से दोपहर 12:20 तक है. पूजा की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट होगी.

तृतीया तिथि प्रारम्भ- 22 अप्रैल 2023 सुबह 07:49 बजे से

तृतीया तिथि समाप्त- 23 अप्रैल 2023 सुबह 07:47 तक

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