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काशी विश्वनाथ को गंगधार की जलधरी अर्पित की गई
– फोटो : अमर उजाला
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अक्षय तृतीया पर श्री काशी विश्वनाथ को गंगधार की जलधरी अर्पित की गई। वहीं भगवान विष्णु को भक्तों ने चंदन का लेप लगाया। भक्तों की सुख-समृद्धि की कामना से अक्षय तृतीया के अनुष्ठान को पूर्ण किया गया। श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग पर लगाई गई जलधरी से अक्षय तृतीया से सावन की पूर्णिमा तक गंगधार निरंतर प्रवाहित होगी।
देवाधिधेव महादेव को वैशाख-जेठ की तपिश से राहत दिलाने की कामना से ऐसा किया जाता है। परंपरा अनुसार सावन पूर्णिमा तक यह सिलसिला जारी रहेगा। रविवार को भोर में मंगला आरती से पहले अक्षय तृतीया के मान विधान विधान के अनुसार शीतल शृंगार किया गया।
बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर उदया तिथि के अनुसार बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन करने के बाद रजत जलधरी लगाई गई। इसके अलावा शहर के सभी शिवमंदिरों में बाबा की जलधरी लगाई गई। मंगला आरती के साथ ही मंदिर में शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला अनवरत जारी रहा।
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