Aligarh News: अलीगढ़ को मिलेंगी 41 नई रोडवेज, इन 19 रूटों पर दौड़ेंगी बसें

[ad_1]

अलीगढ़ को मिलेंगी 41 बसें

अलीगढ़ को मिलेंगी 41 बसें
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

रोडवेज की बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। प्रदेश मुख्यालय से जारी आदेशों के आधार पर अलीगढ़ परिक्षेत्र के 19 रूटों पर 41 नई अनुबंधित बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए रूटों को चिन्हित किया गया है। अब लखनऊ, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, सिकंदराराऊ, हाथरस, आगरा, मथुरा, बल्लभगढ़, नोएडा आदि लोकल रूटों पर भी बसों की कमी नहीं होगी। 

परिवहन निगम ने शासन के निर्देश पर साधारण, वातानुकूलित एवं स्लीपर क्लास की प्राइवेट बसों के साथ करार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए साल में लोगों को नई अनुबंधित बसों की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत उत्सर्जन मानक भारत स्टेज- 6 (बीएस-6) वाली दो वर्ष पुरानी बसों को शहरी क्षेत्रों में एवं भारत स्टेज-4 (बीएस- 4) वाली चार साल पुरानी बसें ग्रामीण क्षेत्रों में चलाई जाएंगी। चालकों की तैनाती और बसों का रख-रखाव संचालक करेंगे। जबकि इन बसों पर परिचालक परिवहन निगम के होंगे। 

इन रूटों पर चलेंगी बसें
लखनऊ, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, सिकंदराराऊ, हाथरस, कासगंज, एटा, बरेली, मुरादाबाद, बल्लभगढ़, नोएडा, हरिद्वार, ऋषिकेश, सहारनपुर, देहरादून जैसे लंबे रूटों पर भी बसों का संचालन होगा। परिवहन निगम के अलीगढ़ परिक्षेत्र की क्षेत्रीय प्रबंधक शरद सिंह ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर प्राइवेट बसों को अनुबंध की श्रेणी में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। प्रथम चरण में 19 रूटों पर 41 अनुबंधित बसों को चलाने की तैयारी है। दूसरे चरण में भी इतनी ही बसें संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है।

अवैध वाहनों पर लगेगी रोक
परिवहन निगम ने यात्रियों को बसों की कमी के साथ ही अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए रोडवेज के बेड़े में कुल बसों की संख्या के सापेक्ष 75 प्रतिशत अनुबंधित (प्राइवेट) बसें शामिल करने का निर्णय लिया है। अभी तक निगम के बेड़े में अधिकतम 30 प्रतिशत अनुबंधित बसें शामिल होती रहीं हैं। अलीगढ़ परिक्षेत्र ने भी अपने बेड़े में अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए रूट भी निर्धारित कर दिए गए हैं। प्रथम चरण में 19 रूटों पर 41 अनुबंधित बसों को संचालित करने की तैयारी है। आने वाले दिनों में आवश्यकतानुसार अनुबंधित बसों को संचालित किया जाएगा। अगले चरण में लगभग इतनी ही बसें और चलाने की योजना है।

विस्तार

रोडवेज की बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। प्रदेश मुख्यालय से जारी आदेशों के आधार पर अलीगढ़ परिक्षेत्र के 19 रूटों पर 41 नई अनुबंधित बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए रूटों को चिन्हित किया गया है। अब लखनऊ, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, सिकंदराराऊ, हाथरस, आगरा, मथुरा, बल्लभगढ़, नोएडा आदि लोकल रूटों पर भी बसों की कमी नहीं होगी। 

परिवहन निगम ने शासन के निर्देश पर साधारण, वातानुकूलित एवं स्लीपर क्लास की प्राइवेट बसों के साथ करार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए साल में लोगों को नई अनुबंधित बसों की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत उत्सर्जन मानक भारत स्टेज- 6 (बीएस-6) वाली दो वर्ष पुरानी बसों को शहरी क्षेत्रों में एवं भारत स्टेज-4 (बीएस- 4) वाली चार साल पुरानी बसें ग्रामीण क्षेत्रों में चलाई जाएंगी। चालकों की तैनाती और बसों का रख-रखाव संचालक करेंगे। जबकि इन बसों पर परिचालक परिवहन निगम के होंगे। 

इन रूटों पर चलेंगी बसें

लखनऊ, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, सिकंदराराऊ, हाथरस, कासगंज, एटा, बरेली, मुरादाबाद, बल्लभगढ़, नोएडा, हरिद्वार, ऋषिकेश, सहारनपुर, देहरादून जैसे लंबे रूटों पर भी बसों का संचालन होगा। परिवहन निगम के अलीगढ़ परिक्षेत्र की क्षेत्रीय प्रबंधक शरद सिंह ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर प्राइवेट बसों को अनुबंध की श्रेणी में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। प्रथम चरण में 19 रूटों पर 41 अनुबंधित बसों को चलाने की तैयारी है। दूसरे चरण में भी इतनी ही बसें संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है।

अवैध वाहनों पर लगेगी रोक

परिवहन निगम ने यात्रियों को बसों की कमी के साथ ही अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए रोडवेज के बेड़े में कुल बसों की संख्या के सापेक्ष 75 प्रतिशत अनुबंधित (प्राइवेट) बसें शामिल करने का निर्णय लिया है। अभी तक निगम के बेड़े में अधिकतम 30 प्रतिशत अनुबंधित बसें शामिल होती रहीं हैं। अलीगढ़ परिक्षेत्र ने भी अपने बेड़े में अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए रूट भी निर्धारित कर दिए गए हैं। प्रथम चरण में 19 रूटों पर 41 अनुबंधित बसों को संचालित करने की तैयारी है। आने वाले दिनों में आवश्यकतानुसार अनुबंधित बसों को संचालित किया जाएगा। अगले चरण में लगभग इतनी ही बसें और चलाने की योजना है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *