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रमजान के चांद को देखते हुए परिवार
– फोटो : अमर उजाला
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रमजान शुरू हो गए हैं। पहला रोजा 24 मार्च को है। बृहस्पतिवार को चांद देखते ही मुबारकबाद का दौर शुरू हो गया। मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गई। सूरज ढलते ही चांद को देखने के लिए लोग घर की छतों और बॉलकनी पर आ गए। जैसे ही उन्हें आसमान में चांद नजर आया है वहीं, बोल उठे चांद नजर आ गया। इसके बाद लोग एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देने लगे।
सोशल मीडिया पर भी सभी धर्मों के लोगों ने मुस्लिमों को रमजान की मुबारकबाद दी। आसमान में चांद नजर आते ही सायरन बजा और गोले भी छोड़े गए। ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद की गुंबद पर बल्ब रोशन कर दिए गए। महानगर के पठान मोहल्ले में पांच दिन की तरावीह की नमाज शुरू हो गई।
मस्जिदों में रमजान का चांद दिखने के साथ ही तरावीह की नमाज शुरू हो गई और शव्वाल (ईदुल फितर) का चांद दिखते तरावीह की नमाज खत्म होगी। उधर, दिन में ऊपरकोट, मेडिकल रोड, दोदपुर, जीवनगढ़, शाहजमाल सहित अन्य बाजार में इफ्तार और सहरी के लिए सिवईं, खजूर सहित अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी की गई।
चांद नजर आ गया है। शुक्रवार को पहला रोजा होगा। हर बालिग पर रोजा फर्ज है। रोजा केवल जिस्मानी नहीं, बल्कि रुहानी भी होता है। रोजे में जो अल्लाह तआला की तरफ से हुक्म है, उसे अपनाएं और कोशिश यही करें यह अमल पूरी जिंदगी कायम रहे। -मोहम्मद खालिद हमीद, शहर मुफ्ती
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