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कॉल
– फोटो : अमर उजाला
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सांसद, राज्य विधान मण्डल सदस्यों के द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी मामले को लेकर कॉल किया जाता है, तो अब उन्हें कॉल रिसीव करना होगा या कॉल बैक करना पड़ेगा। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने निर्देश जारी किए हैं।
एक फरवरी को विधान सभा सदस्य के विरूद्ध प्रोटोकोल उल्लंघन के संबंध में संसदीय अनुश्रवण समिति की बैठक हुई, जिसमें अवगत कराया गया कि जनपद, तहसील के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को अनुमन्य प्रोटोकोल का का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के फॉन कॉल को रिसीव नहीं किया जाता है या फिर कॉल बैक भी नहीं की जाती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने निर्देश जारी किया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी मामले को लेकर अगर जनप्रतिनिधि कॉल करते हैं तो कॉल रिसीव करें या बाद में कॉल बैक करें। जनपद के सभी बोर्ड के स्कूलों को भी इसके बारे में पत्र जारी किया गया है।
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