Aligarh News: जहरीली शराब कांड की जांच करेगा मानवाधिकार आयोग, 20 मार्च को आएगी टीम, 104 लोगों की हुई थी मौत

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जहरीली शराब

जहरीली शराब
– फोटो : अमर उजाला

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प्रदेश भर की सुर्खियों में रहे अलीगढ़ के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड में दर्ज मुकदमों की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम करेगी। इसके लिए चार सदस्यीय टीम सोमवार को यहां डीआईजी मानवाधिकार सुनील कुमार मीना की अगुवाई में आ रही है। 

यह जांच शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल शराब माफिया सुधीर चौधरी के बेटे की शिकायत पर शुरू हुई है, जिसमें राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया है। हालांकि इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने इस प्रकरण और सुधीर व उसके माफिया घोषित भाई अनिल चौधरी से जुड़ा पूरा चिट्ठा तैयार कर लिया है। वहीं सभी तत्कालीन अफसरों को भी बुलाया गया है।

104 मौतों ने जिले में मचाया था हाहाकार

इस घटना की शुरुआत 27/28 मई 2021 की रात लोधा के गांव करसुआ से हुई। फिर जिले में मौत का ऐसा तांडव मचा कि लोधा के बाद खैर, पिसावा, टप्पल, गभाना, जवां, क्वार्सी, महुआखेड़ा आदि में 104 लोगों की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराए गए। इस घटना में कुल 33 मुकदमे दर्ज कर 86 लोगों को जेल भेजा गया। घटना के मुख्य आरोपियों में शामिल अधिकांश आरोपी अभी जेल में हैं और पुलिस प्रशासन की मजबूत पैरवी के चलते उनकी जमानतें खारिज हो चुकी हैं। न्यायालय में ट्रायल जारी हैं।

घोषित माफिया अनिल-सुधीर के परिवार ने की शिकायत

इस कांड में जिले के शराब कारोबार से जुड़े जिला पंचायत सदस्य पति गोंडा धारा गढ़ी के अनिल चौधरी, उसके भाई सुधीर, जवां के पूर्व ब्लाक प्रमुख पति ऋषि, मुनीष, विपिन उर्फ ओमवीर निवाासी कुलदीप विहार, कारोबारी बिजेंद्र कपूर आदि को मुख्य जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की। इनमें से ऋषि, मुनीष व अनिल पर रासुका में कार्रवाई हुई है। इनकी संपत्तियां भी कुर्क कर जब्त की गई हैं। इसी में सुधीर के पुत्र मनीष की ओर से यह शिकायत की गई है कि राजनीतिक साजिश के तहत उसके पिता व चाचा को इस कांड में झूठा फंसाया गया। इसी की जांच के लिए यह टीम 20 मार्च से 24 मार्च तक के लिए यहां आ रही है। 

बुलाए गए तत्कालीन अफसर, मृतकों के परिजन

इस दौरान जांच टीम मुकदमों का विवरण देखेगी और लोगों से बातचीत करेगी। इसकी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। उस समय यहां तैनात रहे डीएम, जिला आबकारी अधिकारी, सुधीर-अनिल से जुड़े मुकदमों को लेकर रोरावर व खैर थाना प्रभारी, उनके मुकदमों के प्रत्यक्षदर्शी, मृतकों के परिजन आदि बुलाए गए हैं।

यह एक रुटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। अनिल-सुधीर पक्ष की ओर से आरोप लगाए गए हैं। वे हाईकोर्ट तक गए थे। उनका पूरा इतिहास व कच्चा चिठ्ठा हमारे पास है। हमारी पूरी तैयारी है, सभी पक्षों को बुलाया गया है।-राघवेंद्र सिंह, एसपी क्राइम।

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