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मृतक वंदनी और अंतिम संस्कार के बाद साक्ष्य तलाशती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
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अतरौली कोतवाली के गांव मोहम्मदपुर बढ़ेरा में अपनी ही छह साल की मासूम बेटी को सैनिटाइजर डालकर आग लगाकर मारने वाली महिला को पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। जेल जाते वक्त महिला फफक कर रो पड़ी। अपने बच्चों की याद करते हुए बस इतना कह रही थी कि मेरे बच्चों का ध्यान रखना।
कोतवाली के गांव मोहम्मदपुर बढ़ेरा निवासी किसान भानुप्रताप सिंह उर्फ नॉटी की पत्नी आशा देवी ने रविवार को अपनी छह साल की मासूम बेटी वंदनी को महज इसलिए सैनिटाइजर डालकर जलाकर मार दिया कि वह बाहर अपने भाई कुनाल और अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी और आशा के बार-बार बुलाने के बाद भी घर नहीं आ रही थी। कुछ देर बाद कुनाल और वंदनी जब घर पहुंचे तो आशा ने दोनों बच्चों की पिटाई शुरू कर दी।

कुनाल तो किसी तरह से छूटकर भाग गया, लेकिन वंदनी वहीं बैठकर जोर-जोर से रोने लगी। आशा उसे बार-बार चुप रहने के लिए कह रही थी, लेकिन वह चुप नहीं हो रही थी। तभी उसने वंदनी के हाथ-पैर बांधे और डराने के लिए उसके ऊपर सैनेटाइजर डालकर आग लगाकर जान से मारने की कहकर धमकाने लगी। अचानक आशा के हाथ में लग रही माचिस की तीली जल गई और सैनिटाइजर पड़ा होने से वंदनी के कपड़ों ने आग पकड़ ली।

न भागा होता कुनाल तो हो सकती थी बड़ी अनहोनी
गांव के लोग चर्चा कर रहे हैं कि आशा दोनों बच्चों को पीट रही थी। गनीमत रही कि उस वक्त कुनाल उससे छूटकर बाहर भाग गया। यदि कुनाल वहां होता तो हो सकता है कि उसके साथ भी कोई अनहोनी हो जाती। इस बात को कहते हुए मोहल्ला के रामवती, किरन, सुनीता आदि महिलाएं रो पड़ीं। कहने लगीं बेटी वंदनी का मरना बेहद दुखद है, लेकिन भगवान का लाख लाख शुक्र है कि बेटा कुनाल बच गया, वरना आग से भला किसकी दोस्ती। उस मंजर को याद करके हर किसी के रौंगटे खड़े हो जाते हैं।
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