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बाढ़ग्रस्त गांव महाराजगढ़ का मुआयना करते राज्यमंत्री अनूप प्रधान
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यमुना में बढ़े जलस्तर से गांव महाराजगढ़ और शेरपुर का संपर्क मार्ग चार दिन से कटा हुआ था। रविवार की दोपहर गांव महाराजगढ़ पहुंचे राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान से ग्रामीणों ने राशन लेने से इंकार कर दिया। कहा कि राशन नहीं स्थाई आवास के साथ व्यवस्थाएं चाहिए। राज्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर बसाने और आवास दिलवाने का आश्वासन दिया तब ग्रामीणों ने राशन स्वीकार किया।
वहीं राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान, एसएलसी व भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह ने बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया। बाढ़ पीड़ितों से हाल पूछा। घरबरा निवासी भाजपा नेता कपिल चौधरी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक लाख 51 हजार रुपये का चेक एडीएम वित्त को सौंपा। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख के पति चौ. ऋषिपाल सिंह, योगेश प्रधान, प्रेम सिंह जाखड़, राजकुमार प्रधान, भोला चौधरी, पूर्व चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह, राहुल सारस्वत, भोला चौधरी व एसडीएम खैर मौजूद रहे।
सुविधा के अभाव में गांव खाली नहीं कर रहे लोग
करीब छह दिन से कुछ गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ग्रामीणों से गांव खाली करने के लिए कह रहा है लेकिन बाढ़ चौकियों में सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण गांव खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं। महाराजगढ़ निवासी तेजवीर सिंह निषाद कहते हैं कि केवल खाना और दवा देने भर से काम नहीं चलने वाला। पशुओं का चारा कैसे आएगा? गांव से बाहर आएं तो कहां सोएंगे? असुविधाओं के बीच गांव छोड़ना संभव नहीं है। करीब 800 की आबादी वाले गांव महाराजगढ़ से महज 200 के करीब लोगों ने गांव को छोड़ा है।
बाढ़ की चपेट में आने से बहे चार मवेशी, घरों में आई दरार
गांव महाराजगढ़ और शेरपुर के चारों ओर यमुना नदी का पानी दिखाई पड़ रहा है। गांव के 20 प्रतिशत मकानों में दरारें आ गई हैं। कुछ मकान गिरने की कगार पर पहुंच गए हैं। यमुना के खादर इलाके में फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट सबसे बड़ा है। शनिवार को गांव खाली करते समय शिव सिंह, बलदेव, प्रेम सिंह व हरवीर सिंह की चार भैंस बाढ़ की चपेट में आने से पानी में बह गईं।
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