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अदालत का फैसला
– फोटो : istock
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टप्पल के गांव मालव में सात वर्ष पहले रास्ते से ट्रैक्टर निकालने के विवाद में हुई हत्या के पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एक आरोपी को कमजोर साक्ष्यों के चलते बरी किया गया है। यह फैसला एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिंह प्रथम की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार घटना 4 जुलाई 2017 की शाम की है। वादी मुकदमा बच्चू सिंह के अनुसार उनका नाती अरविंद खेत से ट्रैक्टर लेकर लौट रहा था। इधर से गांव के दो लोग ट्रैक्टर लेकर जा रहे थे। उन्होंने रास्ते से ट्रैक्टर निकालने के विवाद में गाली-गलौज कर दी। वह विरोध करते हुए आ गया। इस पर नामजदों ने हमला बोल दिया। बीच-बचाव में आई वादी की पत्नी राजवती व बेटे राजेंद्र को गोली मारी।
राजेंद्र को आनन-फानन गंभीर हालत में नोएडा के कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में गांव के केशराज उर्फ केशी, लोकेंद्र, महेश, जागेराम, विनोद, सुभाष व फौजी भीष्म को नामजद किया गया। विवेचना में भीष्म का नाम निकाल दिया गया। चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान सुभाष की मौत हो गई, जबकि अदालत में भीष्म को फिर से तलब कराया गया।
इस दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर यह तय किया गया कि भीष्म घटना के समय गांव में न होकर पलवल स्थित अपने घर पर बच्चों के पास था। मामले में न्यायालय ने केशराज, लोकेंद्र, महेश, जागेराम, विनोदा को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 35-35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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