Aligarh News: नौगवां गांव का प्रधान बर्खास्त, गोंडा ब्लॉक का पंचायत सचिव निलंबित, दोनों पर यह हैं आरोप

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Naugawan pradhan dismissed and Gonda Block Panchayat Secretary suspended

बर्खास्त
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


अलीगढ़ के डीएम के आदेश पर गंगीरी ब्लॉक के गांव नौगवां के ग्राम प्रधान किशन लाल यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों, पंचायत घर एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग में अनियमितताओं के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। नए प्रधान के लिए गांव में उपचुनाव कराया जाएगा। इसके लिए पंचायत राज विभाग की ओर से निर्वाचन विभाग को सूचना भेजी जा रही है।

संबंधित पंचायत के अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह एवं ग्राम विकास अधिकारी भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। डीएम की ओर से तीनों दोषियों से क्रमश : 30-30 हजार रुपये की वसूली कर दुरुपयोग की गई 90 हजार रुपये की धनराशि की भरपाई के भी आदेश दिए हैं। वर्ष 2022 में नौगवां निवासी बादशाह सिंह, भगवान सिंह एवं सुमेर सिंह ने डीएम को एक शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। डीएम ने इस पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता मदनपाल वर्मा को जांच के आदेश दिए। जांच अधिकारी ने गांव में जाकर पड़ताल की। विकास कार्यों की स्थिति देखी। इसमें कई बड़े विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मई में इन्होंने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। इस पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मगर प्रधान का जवाब संतोषजनक नहीं मिला। डीएम ने ग्राम प्रधान के निलंबन के आदेश दिए।

जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि पुलिया निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पंचायत घर समेत अन्य निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप काम न होने पर कुल 90 हजार रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इस पर अब ग्राम प्रधान को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान को पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा संबंधित वीडीओ और अवर अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

गोंडा ब्लॉक का पंचायत सचिव निलंबित

अलीगढ़ में गोंडा ब्लॉक के पंचायत सचिव अवधेश कुमार को विकास कार्यों में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि पंचायत सचिव को ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन की कार्य पूर्ति न करने, ओडीएफ प्लस गांव में घर-घर कूड़ा न उठवाने, एडीए द्वारा संबंधित पंचायतों के निरीक्षण में अभिलेख उपलब्ध न कराने एवं विकास कार्यों में लापरवाही करने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। अग्रिम आदेशों तक यह बिजौली बीडीओ कार्यालय में संबद्ध किया गया है। एडीओ पंचायत बिजौली को प्रकरण में जांच के लिए नामित किया गया है। 

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