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कोरोना जांच (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देश में कोरोना संक्रमण का शोर फिर मचने लगा है। जिले के अस्पतालों में भी वायरल-बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम व गले में खरास के मरीज सर्वाधिक पहुंच रहे हैं। लेकिन जिला स्तर के अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा वैक्सीन संकट से लड़ रहा है। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के पालन की सलाह के अलावा स्वास्थ्य महकमे के पास इस समय कुछ नहीं है।
बुधवार को जिला अस्पताल व दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में मरीजों की भीड़ काफी थी। जिनमें सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, बुखार आदि के मरीज अधिक थे। मगर फिजीशियन डॉक्टर न होने के कारण मरीज भटकते रहे। दोनों अस्पतालों में जैसे-तैसे मरीजों को ओपीडी में उपचार मिल सका।
जिले में कोरोना की वैक्सीन भी नहीं
जिले में सरकारी स्तर पर कोरोना की वैक्सीन भी नहीं है। निजी अस्पतालों में जरूर कोरोना का टीका लग रहा है। कोरोना के शोर के बीच जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, वह बेहद परेशान हैं।
मार्च में ही लगातार दो वर्ष रहा कोरोना का शोर
वर्ष 2020, 2021 में मार्च में ही कोरोना का दौर रहा। दोनों दौर में जिले में काफी संख्या में मरीज परेशान रहे। जैसे-तैसे मरीजों को उपचार मिल सका। काफी संख्या में जान भी गईं।
यह सही है कि जिले में डॉक्टरों की कमी है। कोरोना की डोज अभी मिल नहीं रही है। उसके लिए शासन के आदेश का इंतजार है। रहा सवाल कोरोना के शोर का तो यह बदलते मौसम के साथ रहता है। लोगों को अस्पतालों में उपचार लेने व कोविड प्रोटोकॉल के पालन करने की जरूरत है। -डा.नीरज त्यागी, सीएमओ
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