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इलेक्ट्रिक बसों के चालक-परिचालक हड़ताल पर
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में एक बालक की मौत की घटना के बाद अलीगढ़ में सफर के दौरान इलेक्ट्रिक बस चालकों द्वारा मोबाइल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शनिवार को आदेश जारी कर कहा गया है कि चालक ड्यूटी पर जाने से पहले अपना मोबाइल फोन कार्यालय में जमा कराएंगे।
इस आदेश के आने के बाद शनिवार को बस चालकों का रोष बढ़ गया। वे विरोध में उतर आए। उन्होंने बस संचालन ठप करते हुए डिपो के कार्यालय पर हंगामा किया। जिससे कई घंटे तक बसों के पहिए थमे रहे। चालकों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपते हुए समस्या समाधान की मांग उठ़ाई। उन्होंने प्रबंधन से जुड़े अफसरों पर अभद्रता करने एवं तुगलकी फरमान जारी करने का आरोप लगाया है।

गुस्साए इलेक्ट्रिक सिटी बस के चालक-परिचालक आदि स्टाफ ने सारसौल स्थित कार्यशाला में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अफसरों पर अभद्रता करने आदि जैसे गंभीर आरोप लगाए। स्टाफ की मांग थी कि मोबाइल फोन को जमा करने के फरमान को वापस लिया जाए। उन्होंने मानदेय का भुगतान समय से करने, ज्यादा ड्यूटी करने पर ज्यादा भुगतान, मानदेय में वृद्धि करने, जरूरत होने पर बस स्टाफ को अग्रिम मानदेय का भुगतान कराने, ईपीएफ की सुविधा, दुर्घटना बीमा आदि की मांग दोहराई। किसी भी छोटी सी गलती के लिए सेवा से पृथक न करने आदि की मांगे रखी गई।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि सभी बस चालकों को यात्रा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने अथवा उसे बंद कर रखने अथवा परिचालक को देने के आदेश दिए गए हैं। इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा था। स्टाफ से बातचीत की गई है, चूंकि निजी कंपनी के अधीन स्टाफ काम कर रहा है ऐसे में उनसे जुड़े अफसरों को रविवार को बुलाया गया है। तब स्टाफ की समस्या को लेकर उनसे बातचीत कर समाधान कराया जाएगा। स्टाफ ने रविवार सुबह तक हड़ताल से वापस आने का वादा किया है।
यात्री रहे परेशान
मोबाइल फोन प्रतिबंध को लेकर इलेक्ट्रिक सिटी बस के चालक-परिचालक की हड़ताल से यात्री परेशान दिखे। बसों का इंतजार करते रहे, पर इलेक्ट्रिक बसें दूर-दूर तक नजर नहीं आईं। शहर में इलेक्ट्रिक बसें अब धीरे-धीरे लाइफ लाइन बनती जा रही हैं, यात्री इन बसों के इंतजार में स्टॉपेज पर नजर आ जाते हैं।
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