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डीएनए टेस्ट लैब
– फोटो : Getty
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आधुनिक होती पुलिसिंग के दौर में एफएसएल यानि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की खासी भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष यहां 45वीं वाहिनी पीएसी में शुरू की गई राज्य स्तरीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला को सी से बी ग्रेड में बदलने की तैयारी है। इसके लिए बजट आदि की मंजूरी हो गई है और संकेत हैं कि इस वर्ष में यहां डीएनए की जांच भी शुरू होगी।
अब तक इस प्रयोगशाला में अपराधियों के सीमन, बाल, नाखूनों तक की जांच तक सीमित हैं। साथ में बैलिस्टिक व विसरा जांच भी यहां शुरू हो गई हैं। मगर अब इसके लिए 24 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। जिसके लिए तीसरे चरण पर काम शुरू हो गया है और अब बहुत जल्द यहां डीएनए आदि की अन्य महत्वपूर्ण जांच शुरू कराई जाएंगी। साथ में यहां डॉक्यूमेंट जांच, कंप्यूटर फॉरेंसिक जांच, टॉक्सीलॉजी अनुभाग तैयार होने जा रहे हैं।
अलीगढ़ में है एफएसएल सी ग्रेड
- 2016 में मंजूर हुई लैब
- 45वीं बटालियन पीएसी में स्थापित की गई एफएसएल
- 28 करोड़ की लागत से तैयार हुई बिल्डिंग
- 1 जून 2022 से संचालित हुई लैब
- 4 जिलों एटा, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज की पुलिस करा रही जांच
लैब में यह अनुभाग हुए संचालित
- रसायन अनुभाग- इस अनुभाग में सभी प्रकार के नशीले पदार्थों, शराब व एसिड अटैक, बर्निंग केस की जांच।
- भौतिक अनुभाग- कॉपी राइट केस के मामलों में सील किए जाने वाले रेपर, ब्रांड पैकिंग के नमूनों की जांच सहित चोरी के वाहनों के सही इंजन व चेसिस नंबर तक की जांच।
- बॉयोलॉजी अनुभा- रेप, मर्डर जैसे जघन्य अपराधों में सील नमूनों जैसे सीमन सैंपल, बाल, नाखून, खाल व मानव व जंतु शरीर से संबंधित सभी हिस्सों की जांच।
- सीरोलॉजी अनुभाग- मानव व जंतु रक्त की पहचान से संबंधित सभी प्रकार की जांच।
- क्राइम सीन मैनेजमेंट अनुभाग:-किसी भी आपराधिक घटना का क्राइम सीन रिक्रिएट आदि जांच।
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