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मीट निर्यातक हाजी जहीर के आवास पर तैनात सीआरपीफ का जवान
– फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी यूपी के चर्चित मीट निर्यातक हाजी जहीर के ठिकानों पर तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी आयकर गुरुग्राम टीम की जांच जारी रही। इस दौरान कई दर्जन बैंकों के 50 से ज्यादा बैंक खातों की जांच हो चुकी है।
इनमें अधिकांश खाते उन रिश्तेदारों के नाम से हैं, जिन्हें उनकी फर्मों का वेंडर या सप्लायर दर्शा रखा है।इनमें काफी संख्या में पते भी गड़बड़ मिले हैं। हालांकि अभी बहुत बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है। मगर कुछ लाख की नकदी व कुछ ज्वैलरी मिलने की चर्चा है और यह जांच शुक्रवार को भी जारी रहने के संकेत हैं।
सराय मियां निवासी मीट निर्यातक हाजी जहीर के आवास चार ठिकानों पर शहर में व दो ठिकानों पर दिल्ली-गाजियाबाद में 21 मार्च को गुरुग्राम आयकर विभाग इंवेस्टीगेशन विंग की टीम ने जांच शुरू की थी। 150 कर्मचारियों वाली इस जांच टीम का काम उसी दिन से जारी है। अभी तक अधिकारिक रूप से कुछ भी न तो बताया गया है, न सामने आया है।
मगर चर्चा है कि टीम ने बैंक एकाउंट स्टेटमेंट, निर्यात, कैश लेजर, पशुओं की खरीद संबंधित अन्य दस्तावेज को बारीकी से जांच चल रही है। 50 से ज्यादा खातों की जांच हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार काफी मात्रा में कैश सहित अन्य दस्तावेज अब तक अधिकारियों को मिल चुके हैं।
जिसका मिलान व जांच आयकर अधिकारी कर रहे हैं। इसी कंपनी की दिल्ली के जसोला स्थित कारपोरेट ऑफिस के साथ एयर फ्रेट पर भी जांच जारी है। जहां से वायु मार्ग से मीट निर्यात किया जाता है। साथ में सर्दी के मौसम में होने वाले मीट निर्यात पर भी जांच की जा रही है। यह जांच चंडीगढ़ से अपर आयकर निदेशक जांच अमन प्रीत सिंह की निगरानी में चल रही है।
अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि तमाम रिश्तेदारों को सप्लायर व वेंडर दर्शाकर उनके खातों से लेनदेन होता है। मगर उनके नाम पतों का मिलान नहीं हो रहा है। इधर, संकेत हैं कि यह जांच अभी शुक्रवार को भी जारी रह सकती है।
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