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बैठक में यूपी माध्यमिक संघ के शिक्षक
– फोटो : अमर उजाला
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18 मार्च से यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू होना है, पर यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े संगठनों के शिक्षकों ने सात मांग पूरी न होने तक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया है। शिक्षक पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ सीबीएसई के बराबर मूल्यांकन की दर देने की मांग समेत सात मांग सरकार के समक्ष रख रहे हैं।
अलीगढ़ के महेश्वर कन्या इंटर कॉलेज में यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक हुई, जिसमें चंदेल गुट, अटेवा पांडे गुट, वित्त विहीन ठकुराई गुट आदि संगठनों ने अपनी सा 18 मार्च से परिषदीय परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया है।
ये हैं सात मांगें
- पुरानी पेंशन बहाल हो।
- अद्यतन तदर्थ शिक्षिको का विनियमीतिकरण
- वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता की धारा-7 (4) के संशोधनों को वापस लिया जायें एवं मानदेय घोषित किया जायें।
- सरकारी कर्मचारियों की भाति मा० शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायें। इण्टर मीडिएट की धारा 21छ के अनुपालन में अमेलित विषय विशेषज्ञों पुरानी पेंशन का लाभ दिया जायें।
- यूपी सरकार द्वारा एनपीएस की अधिसूचना 28 मार्च 2005 को जारी की गयी थी। अतः केन्द्र के निर्णय के अनुसार यूपी सरकार भी 28 मार्च 2005 के पूर्व विज्ञापनों द्वारा नियुक्त शिक्षक, कर्मचारी को एनपीएस के स्थान पर ओपीएस का लाभ दें।
- यूपी मा० शिक्षा परिषद् के समस्त कार्यों यथा परीक्षा, मूल्याकंन एवं मूल्याकंन केन्द्र सहित कार्य में जुड़े हुए सभी कर्मचारियों के कार्यों की दरों को सीबीएसई के बराबर किया जायें एवं 2018 से अबतक सभी अवशेष शीघ्र भुगतानकिया जायें।
बैठक में पूरन सिंह, महाराज सिंह, भगवान स्वरूप शर्मा, यूनुस खान, प्रधानाचार्य डॉ जगवीर सिंह नौहवार, अशोक कुमार गुप्ता, वीरेश कुमार, जितेंद्र कुमार, ललित मोहन भारद्वाज, प्रधानाचार्य डॉ दिनेश चंद्र पचौरी, प्रधानाचार्य डीके सिंह, नीरज शर्मा, दिनेश यादव आदि मौजूद थे।
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