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रिंकू सिंह
– फोटो : IPL/BCCI
विस्तार
अलीगढ़ में स्वर्ण जयंती नगर को जाने वाली गली में ही इंडेन का गैस गोदाम है। गोदाम के साथ ठीक-ठाक जगह खाली जगह है और फिर कर्मचारियों के कुछ क्वार्टर। रिंकू ने इसी खाली जगह में किसी आम बच्चे की तरह ही अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। रिंकू मामूली बैट से बल्लेबाजी करता तो भी गेंद उसे चूमकर आसमान की सैर करने लगती। खास बात यह थी कि रिंकू बांए हाथ से बल्लेबाजी करता। उसकी प्रतिभा को सबसे पहले स्थानीय खेल प्रेमी अर्जुन सिंह फकीरा ने 11 साल की उम्र में ही पहचाना। यहीं से रिंकू के क्रिकेटर बनने की नींव पड़ी।
पिता खानचंद घरों में सिलिंडर पहुंचाने का काम करते हैं। वह बताते हैं कि शुरू-शुरू में उन्हें कतई नहीं लगा कि उनके बेटे में कोई असाधारण बात है। लेकिन जब दूसरे लोग रिंकू की बल्लेबाजी को असाधारण बताते तो उन्हें खुशी होती। लेकिन उन्होंने रिंकू के लिए कुछ नहीं किया। ईमानदारी से कहते हैं कि उन्होंने कभी एक बैट भी रिंकू के लिए नहीं खरीदा। अलबत्ता, कभी खेलने से नहीं रोका। अर्जुन सिंह फकीरा रिंकू को पहले तो घर के पास ही स्टेडियम में ले जाने लगे। वहीं रिंकू को खेलते देखकर पावना समूह की नजर उस पर पड़ी। रिंकू को बतौर खिलाड़ी उन्होंने गोद ले लिया। पावना समूह ने अलीगढ़ में ही एक राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिता कराई। इसमें भी रिंकू की प्रतिभा निखर कर सामने आई।
प्रतियोगिता में जीती बाइक चलाकर आए थे घर
रिंकू ने दिल्ली में एक स्कूली प्रतियोगिता में शिरकत की थी। उसमें मैन ऑफ द टूर्नामेंट को एक बाइक दी जानी थी। साइकिल से चलने वाले रिंकू को वह बाइक भा गई। मन में ठाना कि यह बाइक जीतनी है। रिंकू ने तूफानी बल्लेबाजी से न सिर्फ वह बाइक जीती बल्कि कहते हैं कि उसे चलाकर दिल्ली से अलीगढ़ भी ले आए।
16 साल की उम्र में ही यूपी की टीम से जुड़ गए थे रिंकू
2014 में प्रथम श्रेणी के शुरुआती मैच में ही रिंकू ने यूपी के लिए सबसे ज्यादा 83 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 में रिंकू यूपी की रणजी टीम से खेलने लगे थे। 2018-19 के रणजी सत्र में उन्होंने यूपी के लिए 10 मैचों में 953 रन बनाकर इस बात के संकेत दे दिए थे वह लंबी रेस के घोड़े हैं।
आईपीएल और रिंकू
रिंकू 2017 में सबसे पहले किंग्स इलेवन पंजाब से जुड़े। इसके अगले साल कोलकाता नाइट राइडर से। इसके बाद लगातार वह इस टीम से जुड़े हैं। 2021 में शारीरिक चोट की वजह से वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। चार साल तक रिंकू की गिनती एक साधारण खिलाड़ी के तौर पर ही होती थी। 2022 के शुरुआती मैचों में फिलहाल उन्हें मौके नहीं मिले। बाद में उन्हें मौका मिला। एक मैच में 23 गेंदों में उन्होंने 42 रन बनाकर सबका ध्यान खींचा। कमेंटरी कर रहे मशहूर क्रिकेटर हरभजन सिंह ने टिप्पणी कर ली थी अब इस बल्लेबाज का नाम अलग सूची में लिख लीजिए। मौजूदा आईपीएल सत्र की शुरुआत में ही करिश्माई बल्लेबाजी से रिंकू ने अपना नाम अलग सूची में ही दर्ज करा लिया है।
हर कोई अब रिंकू को बता रहा अपना, परिजनों को सम्मानित करने की होड़ लगी
रिंकू की तूफानी पारी के बाद अलीगढ़ जैसे छोटे शहर में रिंकू को अपना बताने वालों का तांता लग गया है। यहां तक कि कई लोग रिंकू को प्रशिक्षण देने का दावा कर रहे हैं। रिंकू की पुरानी तस्वीरें अल्मारियों से निकलने लगी हैं। लोग अपने साथ रिंकू की फोटो शेयर कर रहे हैं। रिंकू के माता-पिता और अन्य परिजनों को सम्मानित करने की होड़ सी लगी है।
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