Allahabad High Court : अभियुक्त को जारी गैर जमानती वारंट पर तीन साल से अमल न करने पर जवाब तलब

[ad_1]

Answer summoned for not executing the non-bailable warrant issued to the accused for three years

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन साल से गैर जमानती वारंट के बावजूद चेक बाउंस के आरोपी मिर्जापुर, थाना पंडरी गांव बेलवा निवासी विवेक पांडेय की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से 10 दिन में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है।

याची का कहना है कि विपक्षी विवेक पांडेय ने उससे मोतीलाल ओसवाल कंपनी व इंफ्रा कंपनी में शेयर निवेश के लिए चार लाख, 75 हजार रुपये उधार लिए। कई चेक दिए, जिन्हें 28 नवंबर 2016 को बैंक में पेश किया गया तो भुगतान रोक दिया गया था। कोर्ट ने 28 दिसंबर 2019 को डेढ़ साल की कैद की सजा व नौ लाख, 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। इसमें से 25 हजार रुपये सरकारी कोषागार में जमा करना था।

आदेश के खिलाफ अपील पर कोर्ट ने 15 दिन में 50 फीसदी राशि जमा करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट में चुनौती पर हाई कोर्ट ने एक माह में 30 फीसदी जमा करने तथा अपील दो माह में तय करने का आदेश दिया। पालन नहीं करने पर याची द्वारा निष्पादन वाद दायर किया गया। दो मार्च 20 को कोर्ट ने विवेक पांडेय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इस पर कोविड के कारण रोक लगी रही।

कोविड के बाद भी आदेश पर अमल नहीं हुआ तो चीफ ट्रेजरी अधिकारी मिर्जापुर ने पांच अक्तूबर 20 को आरोपी की गिरफ्तारी न करने की दशा में एसएचओ के वेतन रोकने का आदेश दिया। 12 फरवरी 21 को कुर्की कार्रवाई के साथ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। कोई कार्रवाई न होने पर डीआईजी को 30 मई 22 को अभियुक्त की गिरफ्तारी का आदेश दिया। एसएचओ कटरा कोतवाली, मिर्जापुर, एसएचओ चुनार, मिर्जापुर व एसएचओ कैंट, प्रयागराज को आदेश होने के बावजूद विवेक पांडेय की गिरफ्तारी न होने पर यह याचिका दायर की गई है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *